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पाकिस्तान में पोलियो टीम पर हमला, सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी की गोली मारकर हत्या

उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक बार फिर पोलियो टीकाकरण अभियान को निशाना बनाया गया है। उत्तरी वजीरिस्तान जिले की मीर अली तहसील में अज्ञात बंदूकधारियों ने पोलियो टीम पर हमला कर दिया। फिलहाल पाकिस्तान और अफगानिस्तान ही दुनिया के ऐसे दो देश हैं जहां पोलियो वायरस अभी भी सक्रिय है। विशेषज्ञों का मानना है कि पोलियो कर्मियों पर हमले अभियान को बाधित करते हैं और वायरस के फैलने का खतरा बढ़ा देते हैं।

Pakistan news: उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक बार फिर पोलियो टीकाकरण अभियान को निशाना बनाया गया है। उत्तरी वजीरिस्तान जिले की मीर अली तहसील में अज्ञात बंदूकधारियों ने पोलियो टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में टीम की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। पुलिस ने मंगलवार को घटना की पुष्टि की है। यह इलाका अफगानिस्तान सीमा से सटा हुआ है और लंबे समय से हिंसा व अस्थिरता का केंद्र रहा है।

हमलावरों ने अचानक शुरू की गोलीबारी

पुलिस के मुताबिक, बंदूकधारियों ने अचानक पोलियो टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंच गईं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। हमलावरों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि, अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस तरह के हमलों को अक्सर स्थानीय आतंकी समूहों से जोड़ा जाता है।

Pakistan news: पहले भी कई बार निशाना बन चुकी हैं पोलियो टीमें

पाकिस्तान में पोलियो उन्मूलन अभियान लंबे समय से चुनौतियों से जूझ रहा है। खासकर खैबर पख्तूनख्वा के उत्तरी और दक्षिणी वजीरिस्तान, बन्नू, बजौर और आदिवासी इलाकों में पोलियो टीमों पर कई बार हमले हो चुके हैं। पिछले एक दशक में सैकड़ों स्वास्थ्यकर्मी और उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी अपनी जान गंवा चुके हैं।

Pakistan news: धार्मिक कट्टरता और अफवाहें बन रही बड़ी वजह

रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2012 से अब तक पोलियो अभियान से जुड़े 200 से ज्यादा लोगों की हत्या की जा चुकी है। इन हमलों के पीछे धार्मिक कट्टरता और वैक्सीन को लेकर फैलाई गई अफवाहें बड़ी वजह मानी जाती हैं। कुछ आतंकी संगठन, जैसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), पोलियो वैक्सीन को पश्चिमी साजिश बताते हैं और लोगों को टीकाकरण से रोकने की कोशिश करते हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान आज भी उन गिने-चुने देशों में शामिल है, जहां वाइल्ड पोलियो वायरस पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है।

कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है अभियान

पाकिस्तान सरकार पोलियो उन्मूलन को राष्ट्रीय प्राथमिकता मानते हुए अभियान जारी रखे हुए है। देशभर में बड़े स्तर पर टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिनमें हजारों महिला स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बच्चों को वैक्सीन पिलाती हैं। इन टीमों की सुरक्षा के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की जाती है। सरकार इस अभियान में WHO, UNICEF और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम कर रही है।

जान जोखिम में डालकर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मी

Pakistan news: फिलहाल पाकिस्तान और अफगानिस्तान ही दुनिया के ऐसे दो देश हैं जहां पोलियो वायरस अभी भी सक्रिय है। विशेषज्ञों का मानना है कि पोलियो कर्मियों पर हमले अभियान को बाधित करते हैं और वायरस के फैलने का खतरा बढ़ा देते हैं। मीर अली की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि पोलियो उन्मूलन में जुटे स्वास्थ्यकर्मी किस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं।

 

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