Pakistan: आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के सहारे खड़ा नजर आ रहा है। लगातार विदेशी मदद पर निर्भरता के बीच अब पाकिस्तान ने IMF के साथ करीब 1.2 अरब डॉलर की नई फंडिंग पर सहमति बना ली है।
कैसे बना यह समझौता?
दरअसल, इस बार यह रकम दो अलग-अलग योजनाओं के तहत मिलने वाली है। IMF ने बताया कि पाकिस्तान के साथ विस्तारित कोष सुविधा (EFF) की तीसरी समीक्षा और जलवायु से जुड़ी रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (RSF) की दूसरी समीक्षा पूरी हो चुकी है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता बन गया है।
Pakistan: पहले बातचीत क्यों अटकी थी?
IMF की टीम ने फरवरी के अंत से मार्च की शुरुआत तक कराची और इस्लामाबाद में पाकिस्तान के अधिकारियों से बातचीत की थी, लेकिन उस समय कोई नतीजा नहीं निकल सका था। बाद में ऑनलाइन बातचीत जारी रही और आखिरकार समझौता हो गया।
Pakistan: पाकिस्तान को कितनी रकम मिलेगी?
अगर IMF बोर्ड इस डील को मंजूरी देता है, तो पाकिस्तान को EFF के तहत करीब 1 अरब डॉलर और RSF के तहत लगभग 21 करोड़ डॉलर मिलेंगे। पाकिस्तान पहले से ही 7 अरब डॉलर के IMF कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका मकसद उसकी अर्थव्यवस्था को स्थिर करना और जरूरी सुधार लागू करना है।
क्यों जरूरी है यह मदद?
Pakistan: यह फंडिंग पाकिस्तान के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि देश इस समय महंगाई, कर्ज और कमजोर अर्थव्यवस्था जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। हालांकि, बार-बार बाहरी मदद लेने को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं कि आखिर पाकिस्तान कब तक इस सहारे पर टिका रहेगा।
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