Panchang 4 March 2026: सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। यह हमें हर दिन के शुभ और अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र और योग की सही जानकारी देता है। पंचांग के अनुसार, 4 मार्च बुधवार से चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो रही है।
4 मार्च तिथि, नक्षत्र और योग जानकारी
दृक पंचांग के मुताबिक, बुधवार को कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि शाम 4 बजकर 48 मिनट तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन प्रतिपदा तिथि ही मानी जाएगी। इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र सुबह 7 बजकर 39 मिनट तक रहेगा और इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। इसी तरह धृति योग सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक प्रभावी रहेगा। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 43 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 23 मिनट पर होगा।

Panchang 4 March 2026: शुभ समय में करें पूजा और नए कार्य शुरू
4 मार्च को कुछ खास शुभ मुहूर्त भी बताए गए हैं। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 4 मिनट से 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगा, जिसे ध्यान, पूजा और जप के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 16 मिनट तक रहेगा, जिसमें नया काम शुरू करना, यात्रा करना या कोई महत्वपूर्ण फैसला लेना शुभ माना जाता है। वहीं गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। अमृत काल देर रात 12 बजकर 54 मिनट से 2 बजकर 32 मिनट तक और निशिता मुहूर्त रात 12 बजकर 8 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इन समयों को पूजा-पाठ या शुभ कार्य शुरू करने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

अशुभ काल में सावधानी जरूरी
पंचांग के अनुसार कुछ अशुभ समय भी बताए गए हैं। राहुकाल दोपहर 12 बजकर 33 मिनट से 2 बजे तक रहेगा, इसलिए इस दौरान कोई भी नया या शुभ काम करने से बचना चाहिए। यमगंड सुबह 8 बजकर 11 मिनट से 9 बजकर 38 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 11 बजकर 6 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक, वर्ज्य काल दोपहर 3 बजकर 2 मिनट से 4 बजकर 41 मिनट तक और आडल योग सुबह 7 बजकर 39 मिनट से रात 12 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अशुभ समय में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, यात्रा या कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित माना जाता है। इस दिन नियमपूर्वक और श्रद्धा के साथ पूजा करने से बुध ग्रह शांत होता है और जीवन की बाधाएं दूर होने लगती हैं।
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