ख़बर का असर

Home » नई दिल्ली » राज्यसभा सत्र रहा रिकॉर्डतोड़, 121% उत्पादकता के साथ 8 विधेयक पारित

राज्यसभा सत्र रहा रिकॉर्डतोड़, 121% उत्पादकता के साथ 8 विधेयक पारित

संसद के उच्च सदन राज्यसभा के 269वें सत्र का शुक्रवार को समापन हुआ, जिसमें संसदीय कार्यकुशलता और चर्चा की दृष्टि से उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्ज किया गया।

Parliament News: संसद के उच्च सदन राज्यसभा के 269वें सत्र का शुक्रवार को समापन हुआ, जिसमें संसदीय कार्यकुशलता और चर्चा की दृष्टि से उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्ज किया गया। सत्र के दौरान सदन की उत्पादकता 121 प्रतिशत रही और कुल आठ विधेयकों को पारित या वापस किया गया।

सभापति ने सदन के कामकाज का विस्तृत ब्यौरा पेश

सत्र समाप्ति पर उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन के कामकाज का विस्तृत ब्यौरा पेश करते हुए बताया कि पूरे सत्र में लगभग 92 घंटे तक कार्य हुआ। उन्होंने इसे संसदीय दृष्टि से सकारात्मक और प्रभावी सत्र बताया।

Parliament News: पहले सत्र में दिखी सक्रियता

सभापति के रूप में यह सीपी राधाकृष्णन का पहला सत्र था। उन्होंने बताया कि विधायी कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए सदन ने पांच दिनों तक देर रात तक बैठने और कुछ अवसरों पर भोजनावकाश छोड़कर काम करने का फैसला किया।

शून्यकाल और प्रश्नों में बढ़ी भागीदारी

इस सत्र में शून्यकाल के दौरान अभूतपूर्व सक्रियता देखने को मिली।प्रतिदिन औसतन 84 नोटिस प्राप्त हुए, जो पिछले दो सत्रों की तुलना में 31 प्रतिशत अधिक रहे।शून्यकाल में रोजाना 15 से अधिक मुद्दे उठाए गए, जो लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। कुल 58 तारांकित प्रश्न, 208 शून्यकाल सबमिशन और 87 विशेष उल्लेख दर्ज किए गए।

वंदे मातरम और चुनाव सुधार पर अहम बहस

सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर दो दिनों तक चली चर्चा में 82 सदस्यों ने हिस्सा लिया। वहीं, चुनाव सुधार विषय पर तीन दिन चली बहस में 57 सांसदों ने अपने विचार और सुझाव रखे।

 विधायी कार्य और निजी विधेयक

विधायी मोर्चे पर सदन ने इस सत्र में आठ विधेयकों को पारित या वापस किया। इसके अलावा, जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 से जुड़े सांविधिक संकल्प को भी मंजूरी दी गई, जिसमें 212 सदस्यों ने भाग लिया।

निजी सदस्यों के कार्यों में भी बढ़ी भागीदारी देखने को मिली—सत्र के दौरान 59 निजी विधेयक पेश किए गए और निजी विधेयकों व प्रस्तावों पर हुई चर्चा में 22 सदस्य शामिल हुए।

आचरण को लेकर जताई चिंता

हालांकि, सभापति ने कार्यवाही के दौरान कुछ विपक्षी सदस्यों के व्यवहार पर चिंता भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नारेबाजी, तख्तियां दिखाना और कार्यवाही में बाधा डालना संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा नहीं आएगी।

धन्यवाद और शुभकामनाएं

सत्र के समापन पर सभापति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता सदन जेपी नड्डा, नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सभी सांसदों का सहयोग के लिए आभार जताया। साथ ही, उन्होंने सदस्यों और उनके परिवारों को क्रिसमस, नववर्ष और आने वाले त्योहारों की शुभकामनाएं दीं।

ये भी पढ़े… घने कोहरे से दिल्ली-NCR समेत उत्तर-पूर्व भारत में उड़ान सेवाएं प्रभावित

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

khabar india YouTube posterKhabar India YouTube

राशिफल