Farewell speech Pm: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कार्यकाल पूरा कर रहे सदस्यों के विदाई समारोह में वरिष्ठ नेताओं के अनुभव को लोकतंत्र की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि एचडी देवगौड़ा , मल्लिकार्जुन खरगे और शरद पवार जैसे नेताओं ने संसदीय व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है, जिससे नई पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए।
लोकतंत्र में समर्पण जरूरी
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जो भी जिम्मेदारी मिलती है, उसके प्रति पूर्ण समर्पण जरूरी है। उन्होंने विपक्ष के नेताओं की भी सराहना करते हुए कहा कि लंबे संसदीय अनुभव से लोकतांत्रिक परंपराएं और मजबूत होती हैं। समाज में जो जिम्मेदारी मिली है, उसके प्रति समर्पित रहना चाहिए.
Farewell speech Pm: 59 सदस्य पूरे कर रहे कार्यकाल
इस मौके पर राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने बताया कि 25 राज्यों के 59 सदस्य अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। इनमें कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं, जिनका योगदान सदन के लिए महत्वपूर्ण रहा है।
खरगे ने साझा किए अनुभव
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी अपने लंबे राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि राजनीति में सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती और दशकों के अनुभव के बाद भी नए पहलू सामने आते रहते हैं। खरगे ने अपने भाषण के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में एचडी देवगौड़ा पर चुटकी लेते हुए सदन का माहौल भी सहज बना दिया।
Farewell speech Pm: संवाद और सहयोग पर जोर
उन्होंने कहा कि सदन को बेहतर बनाने के लिए संवाद और सहयोग बेहद जरूरी है। दूरी और संवाद की कमी से गलतफहमियां बढ़ती हैं, इसलिए सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए।
भावनात्मक और प्रेरक रहा सत्र
राज्यसभा का यह विदाई सत्र भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा, जिसमें नेताओं ने एक-दूसरे के योगदान को सराहा और संसदीय परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
Speaking in the Rajya Sabha. https://t.co/TV2X34E4D1
— Narendra Modi (@narendramodi) March 18, 2026
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