POCSO Case: उत्तर प्रदेश के बांदा में पोक्सो मामलों के स्पेशल जज की कोर्ट ने दो आरोपियों, रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को मौत की सजा सुनाई है। दोनों को बच्चों के साथ गंभीर यौन अपराधों, पोर्नोग्राफिक उद्देश्यों के लिए बच्चों का इस्तेमाल और बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री के स्टोरेज जैसे अपराधों के लिए दोषी पाया गया है।
गंभीर यौन अपराधों के लिए मौत की सजा
कोर्ट ने आरोपियों को फांसी की सजा सुनाते हुए यह फैसला दिया कि उनका अपराध “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी में आता है। रामभवन और दुर्गावती ने 33 बच्चों के खिलाफ यौन शोषण किया, जिनमें कुछ की उम्र महज तीन साल थी। जांच के दौरान यह भी पता चला कि कुछ पीड़ितों के शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं और कुछ पीड़ित अस्पताल में भर्ती हैं।
POCSO Case: आरोपियों की संपत्ति का बंटवारा
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि हर पीड़ित को सरकार द्वारा 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही, आरोपियों के घर से जब्त की गई कैश रकम को पीड़ितों में बराबर बांटा जाए। यह कदम पीड़ितों के मानसिक और शारीरिक नुकसान की भरपाई करने के लिए उठाया गया है।
मामले की जांच और चार्जशीट
इस मामले की जांच सीबीआई ने 31 सितंबर 2020 में शुरू की थी, जब आरोपियों के खिलाफ बच्चों के यौन शोषण और पोर्नोग्राफिक सामग्री बनाने के आरोपों में केस दर्ज किया गया था। जांच में फोरेंसिक और मेडिकल एक्सपर्ट्स की मदद ली गई। 10 फरवरी 2021 को सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी।






