Putrada Ekadashi: 4 दिसंबर से पौष माह प्रारंभ हो गया है और इस महीने में एकादशी व्रत करने का बहुत महत्व बताया गया है। पौष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत किया जाता है। जिन भी व्यक्तियों की संतान प्राप्ति की मनोकामना होती है, उन्हें यह व्रत अवश्य करना चाहिए। यह दिन भगवान श्री हरि नारायण को समर्पित होता है।

Putrada Ekadashi: विशेष पूजन से मनोकामनाएं होंगी पूर्ण
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष यह व्रत 30 दिसंबर को रखा जाएगा। इस दिन शिवलिंग की पूजन का भी विशेष महत्व है। बता दें, बाबा महाकाल भगवान नारायण को अपना आराध्य मानते हैं। इसीलिए शिवलिंग की पूजन करके आप दोनों को प्रसन्न कर सकते हैं। आज हम जानेंगे कि किन 5 चीजों को शिवलिंग पर चढ़ाने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं और आपके सभी संकट दूर हो जाएंगे।

कच्चे दूध से करें शिवलिंग का अभिषेक
कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है। मान्यता है कि इससे मानसिक शांति प्राप्त होती है। यही नहीं, एकादशी के दिन इसे शिवलिंग पर चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
शहद मिश्रित जल से दूर होंगे रोग
पौष पुत्रदा एकादशी के दिन यदि आप जल में शहद मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं, तो इससे आपके जीवन से सभी रोग दूर हो जाएंगे तथा आपके परिवार में शहद सी मिठास बनी रहेगी। इसके लिए आपको एक तांबे का लौटा लेना है, जिसमें शुद्ध जल भरकर उसमें थोड़ा सा शहद और थोड़ा सा गंगाजल मिला लें। इसके बाद इस जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
बिल्व पत्र से प्रसन्न होंगे भोलेनाथ
लोक मान्यताओं के अनुसार, बिल्व पत्र भगवान भोलेनाथ को बहुत प्रिय होता है। इसीलिए एकादशी के दिन शिवलिंग पर इसे अवश्य चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से भोलेनाथ आपके जीवन की सभी मुश्किलों को दूर कर देंगे।
काले तिल से मिलेगी दोषों से मुक्ति
भगवान भोलेनाथ को तिल चढ़ाना शुभ माना जाता है। खासकर पौष पुत्रदा एकादशी के दिन काले तिल का बहुत महत्व होता है। इसे आप एकादशी के दिन शिवलिंग पर चढ़ाने के साथ-साथ दान भी कर सकते हैं। ऐसा करने से कालसर्प दोष दूर होता है और शनि दोष से भी मुक्ति मिलती है।
गुड़ अर्पित करने से बढ़ेगा धन और उन्नति
पौष पुत्रदा एकादशी के दिन शिवलिंग पर गुड़ अर्पित करें। इसके अलावा आप गुड़ मिले हुए जल से शिवलिंग का अभिषेक भी करें। इस उपाय को करने से आपके घर-परिवार में धन की कमी नहीं होगी और आपको आपके कारोबार में उन्नति प्राप्त होगी।
Disclaimer: यह लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी प्रकार का उपाय करने से पूर्व विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।







