Quran Burning: एमपी, रतलाम: जावरा हुसैन टेकरी क्षेत्र से एक संवेदनशील और विवादित मामला सामने आया है, जिससे पूरे हुसैन टेकरी क्षेत्र में अशांति फैल गई है दरअसल, हुसैन टेकरी क्षेत्र में रोजाना रोड स्थित ईमामबाड़े के पीछे कुरआन जलाने का मामला प्रकाश में आया। यह घटना करने वाला कोई मुस्लिम विरोधी व्यक्ति नहीं था, बल्कि एक रिटायर्ड शिक्षिका है।
कौन हैं वह रिटायर्ड शिक्षिका?
कुरआन को जलाने वाली रिटायर्ड शिक्षिका का नाम आतिया खान है। नाम से ही स्पष्ट है कि वह स्वयं मुस्लिम समुदाय से हैं। यह घटना गुरुवार को दोपहर 1:30 बजे हुई। आतिया के पास कई किताबें थीं, जिनमें से एक कुरआन भी शामिल थी।

Quran Burning: मुस्लिम समुदाय ने किया विरोध प्रदर्शन
जब मुस्लिम समुदाय को इस घटना की जानकारी मिली, तो वे औद्योगिक क्षेत्र थाना पहुंचे और कार्रवाई की मांग की। देर रात तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर समाजजनों ने थाने का घेराव किया।
सीरत कमेटी के पदाधिकारी समेत सैकड़ों लोगों ने आक्रोश जताया। इसके बाद पुलिस ने जेल रोड निवासी शाहीन हुसैन की रिपोर्ट पर हुसैन टेकरी क्षेत्र में रहने वाली रिटायर्ड शिक्षिका आतिया खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 299 में केस दर्ज कर लिया।

क्या है IPC की धारा 299?
भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 299 “जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य, जिससे किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचती है” से संबंधित है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति शब्दों, संकेतों या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करता है, तो उसे दंडित किया जा सकता है। इस धारा का उद्देश्य धार्मिक सद्भाव बनाए रखना है।
Written by- Adarsh Kathane







