Rohit Shetty Firing Case: फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई फायरिंग की घटना के बाद मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच पूरी तरह अलर्ट हो गई है। बिश्नोई गैंग से जुड़े इस मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस ने रोहित शेट्टी की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पहले उनके घर पर केवल दो पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन अब सुरक्षा में अतिरिक्त जवान लगाए गए हैं।
फायरिंग में इस्तेमाल हुआ हथियार
पुलिस ने रोहित शेट्टी के घर के आसपास निगरानी बढ़ा दी है और उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा में भी इजाफा किया गया है। इसी बीच, क्राइम ब्रांच की जांच में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच के अनुसार, फायरिंग करने वाले शूटर ने अत्याधुनिक देशी हथियार का इस्तेमाल किया था, जिससे 7.62 एमएम की पांच गोलियां चलाई गईं।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस्तेमाल की गई गोलियां 7.62×51 एनएटीओ थीं या 7.62×39 एमएम, क्योंकि ये दोनों तरह की गोलियां आमतौर पर राइफल और मशीनगन में इस्तेमाल होती हैं। इन गोलियों की खासियत यह होती है कि ये तेज रफ्तार से चलती हैं और गहराई तक असर डालती हैं।

Rohit Shetty Firing Case: स्कूटी डिलीवरी और पैसों का लेन-देन
जांच में यह भी सामने आया है कि फायरिंग के बाद शूटर स्कूटी से कुछ दूरी तक भागा। इसके बाद उसने एक ऑटो चालक से कल्याण जाने के लिए कहा, लेकिन ऑटो चालक ने मना कर दिया। फिर एक दूसरे ऑटो चालक ने उसे विले पार्ले रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दिया। चूंकि उस समय लोकल ट्रेनें बंद थीं, इसलिए शूटर ने निजी परिवहन के जरिए मुंबई से बाहर निकलने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों ऑटो चालकों के बयान दर्ज कर लिए हैं।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, पुणे से मुंबई तक स्कूटी पहुंचाने वाले गिरफ्तार आरोपियों सिद्धार्थ येनपूरे और स्वप्नील सकट को कुल 10 हजार रुपये दिए गए थे। यह रकम मास्टरमाइंड शुभम लोनकर ने आरोपी समर्थ पोमाजी को दी थी। इसके बाद पोमाजी ने स्कूटी की डिलीवरी के बाद दोनों आरोपियों को पैसे दिए और उन्हें पुणे वापस भेज दिया।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पूरी वारदात के लिए बिश्नोई गैंग ने कुल कितनी रकम खर्च की थी। इसके लिए आरोपियों के बैंक लेन-देन की गहराई से जांच की जा रही है।

मुख्य शूटर की पहचान और तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में रोहित शेट्टी से भी पूछताछ की है। उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें किसी गैंग या व्यक्ति से कोई धमकी मिली थी। इस पर रोहित शेट्टी ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें किसी भी तरह की धमकी नहीं मिली, न मैसेज के जरिए, न कॉल, न वॉइस नोट और न ही ईमेल के माध्यम से।
जांच में यह संकेत भी मिले हैं कि फायरिंग के वक्त शूटर अकेला नहीं था, बल्कि बिश्नोई गैंग के कुछ अन्य लोग भी उसके साथ मौजूद थे। पुलिस उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्य शूटर की पहचान हो चुकी है और उसे पकड़ने के लिए कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस मामले में अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।







