Saharanpur News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन से लेकर समाज तक को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जिले की एक विवाहिता महिला ने जिला प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा रखते हुए दो टूक शब्दों में कहा है कि या तो उसे सम्मानपूर्वक उसके ससुराल भेजा जाए, या फिर उसे इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। पीड़िता की यह गुहार सुनकर मौके पर मौजूद अधिकारी भी गंभीर हो गए।
हिना ने सुनाई DM को आपबीती
पीड़िता का नाम हिना बताया गया है। सोमवार को वह सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची और जिलाधिकारी मनीष बंसल के सामने फूट-फूटकर अपनी आपबीती सुनाई। हिना के अनुसार, उसका निकाह वर्ष 2019 में मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। शादी के दौरान उसके मायके वालों ने अपनी आर्थिक स्थिति से बढ़कर खर्च किया और लाखों रुपये विवाह पर लगाए। इसके बावजूद ससुराल पक्ष दहेज से संतुष्ट नहीं हुआ।
हिना का आरोप है कि शादी के कुछ ही समय बाद ससुराल वालों ने उस पर अतिरिक्त दहेज लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसने बताया कि आए दिन उसे ताने दिए जाते थे और उसका आत्मसम्मान लगातार ठेस पहुंचाई जाती रही। पीड़िता ने यह भी बताया कि संतान न होने को लेकर भी उसे ससुराल पक्ष के तानों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। इसी बात को आधार बनाकर ससुराल वालों ने उसे अपमानित किया और आखिरकार दहेज की मांग पूरी न होने व बच्चा न होने का हवाला देकर उसे घर से निकाल दिया गया। इसके बाद मजबूरी में हिना अपने माता-पिता के पास छत्तीसगढ़ चली गई।
हिना का दर्द यहीं खत्म नहीं हुआ। उसने बताया कि इसी दौरान उसे यह जानकारी मिली कि उसके पति ने उसकी जानकारी और सहमति के बिना दूसरी शादी कर ली है। यह खबर उसके लिए गहरा मानसिक आघात लेकर आई। हालांकि, इतने सब के बावजूद हिना का कहना है कि वह अब भी अपने पति के साथ ही रहना चाहती है और अपना वैवाहिक जीवन बचाने की आखिरी कोशिश कर रही है।
Saharanpur News: पुलिस ने नहीं की ठोस कार्रवाई
पीड़िता का आरोप है कि उसने इस पूरे मामले को लेकर कई बार पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो उसे ससुराल में रहने का अधिकार दिलाया गया और न ही दहेज उत्पीड़न के मामले में प्रभावी कदम उठाए गए। प्रशासनिक स्तर पर हो रही इस अनदेखी से वह पूरी तरह टूट चुकी है। मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक दबाव से परेशान होकर आखिरकार हिना ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि या तो उसे सम्मानपूर्वक उसके ससुराल भेजने की व्यवस्था कराई जाए, ताकि वह अपने पति के साथ रह सके, या फिर उसे इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। हिना का कहना है कि वह इस तरह की असहनीय पीड़ा और अनिश्चित जीवन से तंग आ चुकी है और अब उसके पास कोई और रास्ता नहीं बचा है।
जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने पीड़िता को आश्वासन दिया है कि यदि जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने महिला को संबंधित थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
Report By: दीपक तिवारी
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