Saharanpur News: सहारनपुर जिले में प्राधिकरण क्षेत्र में इन दिनों अवैध निर्माण और बिचौलियों का बोलबाला लगातार बढ़ता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि पूरे प्राधिकरण क्षेत्र में कुल 12 जोन हैं, लेकिन निगरानी के लिए मात्र 4 जेई (जूनियर इंजीनियर) तैनात हैं। स्टाफ की भारी कमी और शहरी क्षेत्र के लगातार विस्तार के कारण विभाग पर कार्यभार अत्यधिक बढ़ गया है, जिसका फायदा कुछ ब्रोकर और दलाल खुलेआम उठा रहे हैं।
सेटिंग के जरिए करवा रहे काम
सूत्रों के अनुसार, एक ही समाज से जुड़े दो प्रभावशाली ब्रोकर पूरे प्राधिकरण क्षेत्र में खुद को “सर्वेसर्वा” बताकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। ये लोग आम नागरिकों को विभाग में सीधे आने से रोकते हैं और यह दावा करते हैं कि वे निर्माण से जुड़ा सारा काम “सेटिंग” के जरिए करवा देंगे। इसके बदले वे न सिर्फ निर्माण लागत से कई गुना अधिक पैसा वसूलते हैं, बल्कि सरकार को मिलने वाले राजस्व को भी बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि इन दलालों के जरिए ऐसी जगहों पर भी निर्माण करा दिए जाते हैं, जहां नियमानुसार नक्शा पास होना संभव ही नहीं होता। तंग गलियों, अवैध प्लॉटों और मानकों के विपरीत बने भवनों में यदि कभी कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी अंततः विभाग पर आ जाती है। कई स्थानों पर हालात ऐसे हैं कि अग्निशमन विभाग की गाड़ियां तक राहत कार्य के लिए नहीं पहुंच पातीं, जिससे जान-माल के भारी नुकसान की आशंका बनी रहती है।
Saharanpur News: उपाध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाया
इस पूरे मामले को लेकर प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब से मैंने कार्यभार संभाला है, मैं लगातार लोगों से अपील कर रहा हूं कि किसी भी काम के लिए सीधे विभाग से संपर्क करें। नियमों के खिलाफ किसी की बातों में न आएं। कुछ लोग यही कहकर लोगों को गुमराह करते हैं कि हम काम करवा देंगे या अधिकारी से सीधे मिलवा देंगे—इसी का गलत फायदा उठाया जाता है। उपाध्यक्ष ने दोहराया कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हर समय जनता के लिए उपलब्ध हैं, और किसी भी प्रकार के निर्माण से पहले सभी नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी विभाग से सीधे ली जा सकती है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि, जब भी ऐसे दलाल या बिचौलिए पकड़े जाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
Report BY: दीपक तिवारी
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