sinhaavalokan 2025: साल 2025 भारतीय राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए गठबंधन के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियों का वर्ष बनकर उभरा। दिल्ली से लेकर बिहार तक मिली निर्णायक जीत और साल के अंत में दक्षिण भारत में बढ़ती पकड़ ने भाजपा के राजनीतिक विस्तार को नई दिशा दी। यह साल भाजपा के लिए न केवल सत्ता विस्तार का, बल्कि वैचारिक और संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक भी रहा।
दिल्ली में 27 साल का इंतजार खत्म
साल 2025 की शुरुआत भाजपा के लिए बड़ी सफलता लेकर आई, जब पार्टी ने 27 वर्षों बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी की। 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 48 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। यह जीत इसलिए भी अहम मानी गई क्योंकि इससे पहले मोदी लहर के बावजूद भाजपा दिल्ली में सरकार बनाने में असफल रही थी।
sinhaavalokan 2025: बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत
अक्टूबर-नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा नीत एनडीए ने शानदार प्रदर्शन किया। भाजपा को 89 और जदयू को 85 सीटें मिलीं, जबकि सहयोगी दलों के साथ एनडीए ने 200 से अधिक सीटों का आंकड़ा पार किया। इसके उलट राजद की सीटें आधी रह गईं और कांग्रेस सीमित संख्या में सिमट गई।
केरल में ऐतिहासिक सेंध
साल के आखिरी महीने में भाजपा को केरल से बड़ी राजनीतिक सफलता मिली। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में जीत दर्ज कर पार्टी ने वामपंथी किले में पहली बार मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसे दक्षिण भारत में भाजपा के लिए एक टर्निंग प्वाइंट माना जा रहा है, खासकर तब जब केरल और तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव होने हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव में भी एनडीए का दबदबा
2025 में हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में भी एनडीए ने जीत दर्ज की। जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद हुए चुनाव में एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को पराजित किया। कुल मिलाकर, साल 2025 भाजपा और एनडीए के लिए राजनीतिक मजबूती, विस्तार और नए क्षेत्रों में प्रवेश का साल साबित हुआ, जिसने आने वाले चुनावी समीकरणों की दिशा तय कर दी है।
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