Sitapur News: सीतापुर जिले के सेवता क्षेत्र से भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनके द्वारा किसानों के लिए अपशब्द कहे जाने और एक किसान को “चोर” तक कहने का आरोप लगाया जा रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद इलाके में किसानों में गहरा आक्रोश फैल गया है और किसान संगठन आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।
धान तौल विवाद से शुरू हुआ मामला
मामला उस समय भड़का जब सेवता विधायक ज्ञान तिवारी ने मंडी केंद्र के प्रभारियों को फोन कर अपने ही पार्टी के मंडल अध्यक्ष की धान ट्रॉली को प्राथमिकता देने की बात कही। इस दौरान दूसरी ओर एक अन्य किसान ईंट गांव के पूर्व प्रधान बलजीत सिंह की ट्रॉली पिछले 20 दिनों से तौल के लिए लंबित बताई जा रही थी। केंद्र प्रभारी द्वारा यह स्थिति विधायक को बताने पर उनके कथित तौर पर नाराज़ होने और किसान को अपमानित करने की बातें वीडियो में सुनी जा रही हैं। वायरल क्लिप में विधायक द्वारा अपशब्दों के इस्तेमाल और किसान को “चोर” कहने का आरोप लगाया गया है।
Sitapur News: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
वीडियो दो दिन पहले सोशल मीडिया पर फैलना शुरू हुआ और अब यह जिले से बाहर अन्य क्षेत्रों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। किसानों का कहना है कि वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा से वे खुद को अपमानित महसूस कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पीड़ित किसान ने एक लिखित पत्र देकर अपने संगठन को पूरे मामले की जानकारी दी है और न्याय की मांग की है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि विधायक द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन का ऐलान करेंगे। किसान नेताओं के अनुसार यदि विधायक ज्ञान तिवारी ने माफी नहीं मांगी, तो 30 तारीख को संगठन की बैठक में बड़ा आंदोलन करने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन–प्रशासन की होगी। किसान संगठनों में यह मुद्दा विशेष रूप से गरम है क्योंकि वीडियो में अपशब्द कहते हुए दिखाई दे रहे व्यक्ति को किसान समुदाय के प्रति असम्मानजनक व्यवहार करते हुए बताया जा रहा है।
सिख किसान के साथ कथित अभद्रता का मुद्दा भी उभरा
वीडियो में विधायक द्वारा एक सिख किसान को अपशब्द कहने की बात भी सामने आ रही है, जिससे समुदाय के लोगों में और भी रोष बढ़ गया है। किसान नेताओं ने कहा कि यह न केवल किसान बल्कि सिख समुदाय का भी अपमान है। वहीं वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। वहीं राजनैतिक गलियारों में भी गतिविधि बढ़ गई है। कृषि संगठनों का दावा है कि यह मामला किसानों के सम्मान से जुड़ा है और वे किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेंगे।
Report By: कुलदीप कुमार राठौर






