Somnath Temple: गुजरात के सोमनाथ मंदिर में शुक्रवार शाम ‘स्वाभिमान पर्व’ के तहत पहली बार भव्य साधु-संत यात्रा आयोजित की गई। यह यात्रा महाशिवरात्रि और महाकुंभ मेले की परंपरागत यात्राओं की तर्ज पर संपन्न हुई। यात्रा में दिगंबर साधुओं सहित बड़ी संख्या में संत शामिल हुए, जिससे पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और भी बढ़ गया।
श्रद्धालुओं ने किया स्वागत
यात्रा सोमनाथ नगरी के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर साधु-संतों का स्वागत किया और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। मुंबई से आए श्रद्धालु दिलीप ठाकुर ने बताया कि उन्हें स्वाभिमान पर्व का हिस्सा बनकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है।
Somnath Temple: मंदिर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता
सोमनाथ मंदिर के तीर्थ पुरोहित ने बताया कि मंदिर का भव्य रूप प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों के बलिदान और आस्था के कारण ही सोमनाथ आज भी लोगों की श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रियाएँ
गुजरात और बरेली से आए श्रद्धालुओं ने आयोजन की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि स्वाभिमान पर्व ने मंदिर का माहौल पूरी तरह बदल दिया है और प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से सोमनाथ का धार्मिक और पर्यटन महत्व बढ़ा है।
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