Sunday Sun Worship: माघ के महीने में 4 जनवरी को रविवार के दिन कुल तीन शुभ योग बन रहे है जिनका बहुत महत्व है। आज के दिन भगवान सूर्य की पूजन व व्रत करना चाहिए। बता दें, आज पुनर्वसु नक्षत्र, कौलव करण और कृष्ण पक्ष का संयोग बन रहा है। ज्योतिष में सूर्यदेव को आत्मा, तेज, स्वास्थ्य और सम्मान का कारक माना जाता है। नवग्रहों के राजा सूर्यदेव की यदि हम रविवार के दिन पूजा करते हैं तो इससे ग्रह शांति के साथ हमारे जीवन में ऊर्जा, आत्मबल और तेजस्विता आती है।
सूर्यदेव की पूजा से कैसे बढ़ता है आत्मबल और तेज
शास्त्रों की माने तो अगर आप अपने जीवन में प्रतिष्ठा, उच्च पद प्राप्ति और अच्छी नौकरी की कामना रखते है तो आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होना चाहिए। सूर्यदेव की कृपा पाने के लिए आज का दिन सबसे अच्छा है। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि करने के पश्चात तांबे का लोटा लेकर उसमें शुद्ध जल भरे और इसी में लाल रंग का पुष्प और होली को मिला लें। इसके पश्चात सूर्य देव को अर्घ्य दें।

Sunday Sun Worship: 4 जनवरी का पंचांग
आज की तिथि- प्रतिपदा तिथि: दोपहर के 12 बजकर 29 मिनट तक, फिर द्वितीया तिथि
नक्षत्र- पुनर्वसु: दोपहर के 03 बजकर 11 मिनट तक, फिर पुष्य नक्षत्र
4 जनवरी का करण- कौलव: दोपहर के 12 बजकर 29 मिनट तक, तैतिल – दोपहर के 11 बजकर 09 मिनट तक, फिर गर
रविवार का योग- वैधृति: रात के 01 बजकर 47 मिनट से लेकर 5 जनवरी तक, फिर विष्कम्भ योग
आज का पक्ष- कृष्ण पक्ष
दिन- रविवार
चंद्र राशि- मिथुन उपरांत कर्क राशि
आज के शुभ योग और मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 05 बजकर 26 मिनट से प्रातः 06 बजकर 20 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त: दोहरा के करीब 12 बजकर 05 मिनट से दोपहर के 12 बजकर 47 मिनट तक
विजय मुहूर्त: दोपहर के 02 बजकर 10 मिनट से दोपहर के 02 बजकर 51 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम के 05 बजकर 35 मिनट से शाम के 06 बजकर 02 मिनट तक
अमृत काल: दोपहर के 01 बजकर 01 मिनट से दोपहर के 02 बजकर 27 मिनट तक
त्रिपुष्कर योग: दोहरे के 12 बजकर 29 मिनट से दोपहर के 03 बजकर 11 तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: दोपहर के 03 बजकर 11 मिनट से 5 जनवरी को सुबह के 07 बजकर 15 मिनट तक
निशिता मुहूर्त: दोपहर के 11 बजकर 59 मिनट से अगले दिन 5 जनवरी को देर रात 12 बजकर 53 मिनट तक
रवि पुष्य योग: दोपहर के 03 बजकर 11 मिनट से 5 जनवरी की सुबह 07 बजकर 15 तक
आज के सभी अशुभ मुहूर्त
राहुकाल: शाम के 04 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 05 बजकर 38 मिनट तक
यमगण्ड: दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से दोपहर 01 बजकर 44 मिनट तक
गुलिक काल: दोपहर 03 बजकर 02 मिनट से शुरू होगा और शाम 04 बजकर 20 मिनट तक
वर्ज्य: रात के करीब 10 बजकर 35 मिनट से लेकर अगले दिन 5 जनवरी को रात के 12 बजकर 04 मिनट तक
दुर्मुहूर्त: शाम 04 बजकर 15 मिनट से शाम को 04 बजकर 56 मिनट तक
विडाल योग: दोपहर के 03 बजकर 11 मिनट से 5 जनवरी की सुबह 07 बजकर 15 मिनट तक






