Supreme Court News: उत्तर प्रदेश के संभल स्थित शाही जामा मस्जिद संभल के सर्वे को लेकर चल रहे विवाद पर सोमवार को भारत के सर्वोच्च न्यायालय में अहम सुनवाई होनी थी, लेकिन यह टल गई। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद करने का निर्देश दिया है।
मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के आदेश को दी चुनौती
यह मामला उस याचिका से जुड़ा है, जिसे मुस्लिम पक्ष ने दायर कर इलाहबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में निचली अदालत द्वारा संभल की शाही जामा मस्जिद का कोर्ट कमिश्नर के माध्यम से सर्वे कराए जाने के निर्देश को बरकरार रखा था। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि निचली अदालत को इस तरह से सर्वे कराने का अधिकार नहीं है। याचिकाकर्ताओं के अनुसार मस्जिद से जुड़े विवाद में कोर्ट कमिश्नर से सर्वे कराने का आदेश देना न्यायिक प्रक्रिया और अधिकार क्षेत्र से परे है, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए।
Supreme Court News: हिंदू पक्ष ने सर्वे की बताई जरूरत
पिछली सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन ने हाईकोर्ट को बताया था कि शाही मस्जिद पहले से ही एक संरक्षित स्मारक है। ऐसे में यहां पूजा स्थल अधिनियम 1991 लागू नहीं होता। उन्होंने यह भी दावा किया था कि विवादित स्थल पर मंदिर से जुड़े प्राचीन साक्ष्यों को मिटाया जा रहा है, इसलिए वहां सर्वे कराना जरूरी है।
हाईकोर्ट ने सर्वे को बताया कानूनी
वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि कोर्ट कमिश्नर द्वारा कराया जाने वाला सर्वे कानून के दायरे में है और इसमें कोई अवैधता नहीं है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि कोई स्मारक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित है, तो उस पर पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 स्वतः लागू नहीं होता।
Supreme Court News: अगली सुनवाई पर टिकी नजरें
हाईकोर्ट के इसी आदेश को चुनौती देते हुए मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अब सभी की नजरें शीर्ष अदालत में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर आगे क्या कानूनी दिशा तय होती है।
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