Supreme Court: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री और वर्तमान विधायक कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) से जुड़े मामलों में उन्हें अंतरिम जमानत प्रदान की है। हालांकि, जमानत के लिए बेल बॉन्ड की शर्तें निचली अदालत तय करेगी।
छत्तीसगढ़ में रहने पर रोक, कई शर्तें लागू
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कवासी लखमा अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान छत्तीसगढ़ में नहीं रहेंगे। उन्हें केवल कोर्ट में पेशी के लिए ही राज्य में प्रवेश की अनुमति होगी। इसके अलावा, लखमा को विदेश यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें अपना पासपोर्ट विशेष न्यायाधीश की अदालत में जमा करना होगा। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि वह अपना मोबाइल नंबर ईडी अधिकारियों को उपलब्ध कराएं और बिना अनुमति नंबर नहीं बदल सकेंगे।
Supreme Court: कोर्ट ने जांच पूरी करने पर दिया जोर
शीर्ष अदालत ने कहा कि मामले की जांच में काफी समय लग सकता है और जल्दबाजी में ट्रायल शुरू करने से अभियोजन पक्ष के मामले पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए जांच एजेंसियों को पूरी छूट दी जानी चाहिए।
मामले की पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी
गौरतलब है कि कवासी लखमा को ईडी ने 15 जनवरी 2025 और ईओडब्ल्यू ने 2 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया था। इस केस में 52 आरोपी हैं, जिनमें से 22 को गिरफ्तार किया गया था। अब तक 19 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है और जांच एजेंसियां कई चार्जशीट दाखिल कर चुकी हैं।
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