T-20 World Cup: क्रिकेट जगत में पिछले कुछ दिनों से जारी अनिश्चितता आखिरकार 9 फरवरी की रात को समाप्त हो गई। पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ मैच खेलने को हरी झंडी दे दी है, जिससे करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों ने राहत की सांस ली है। इस फैसले के पीछे पड़ोसी देशों का दबाव और खेल की अर्थव्यवस्था को होने वाला भारी नुकसान बड़ी वजह माना जा रहा है।
T-20 World Cup: पीएम शहबाज शरीफ ने क्यों बदला अपना फैसला?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के खिलाफ मैच खेलने की अनुमति देते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्डों की ओर से अनुरोध प्राप्त हुए थे। श्रीलंका, यूएई और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पाकिस्तान से अपने कड़े रुख पर पुनर्विचार करने की अपील की थी।
गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का ऐलान किया था, जिससे वर्ल्ड कप के आयोजन पर संकट मंडराने लगा था।

T-20 World Cup: ब्रॉडकास्टर्स की बची अरबों की रकम
इस विवाद के सुलझने का सबसे बड़ा आर्थिक लाभ आईसीसी (ICC) के ब्रॉडकास्टर्स, विशेष रूप से जियो हॉटस्टार और स्टार स्पोर्ट्स को होगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि भारत और पाकिस्तान के बीच मैच नहीं होता, तो आईसीसी को लगभग 174 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 1450 करोड़ रुपये) का घाटा उठाना पड़ता। यह नुकसान स्पॉन्सरशिप, विज्ञापनों और गेट मनी (टिकट बिक्री) के रूप में होना तय था।
बांग्लादेश को मिला ‘बम्पर जैकपॉट’
हैरानी की बात यह है कि विवाद पाकिस्तान और आईसीसी के बीच था, लेकिन सबसे अधिक फायदे में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) रहा। आईसीसी की प्रेस रिलीज के अनुसार, बांग्लादेश को तीन बड़ी राहत दी गई हैं:
जुर्माने से राहत: 2026 टी20 वर्ल्ड कप से हटने के फैसले के बावजूद बांग्लादेश पर कोई आर्थिक दंड नहीं लगाया जाएगा।
होस्टिंग राइट्स: बांग्लादेश को 2028 से 2031 के बीच महत्वपूर्ण आईसीसी टूर्नामेंटों की मेजबानी सौंपी जाएगी।
सालाना रेवेन्यू: आईसीसी ने बांग्लादेश के वार्षिक राजस्व (Revenue) में कोई कटौती न करने और उसे सुचारू रूप से जारी रखने का आश्वासन दिया है।
इस घोषणा के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी पाकिस्तान का आभार व्यक्त किया और उनसे भारत के खिलाफ खेलने का अनुरोध किया।

आखिर शुरू कहां से हुई थी तकरार?
विवाद की जड़ आईपीएल और सुरक्षा चिंताओं से जुड़ी थी। मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा का हवाला देते हुए अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया था। इसके जवाब में आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया। पाकिस्तान ने आईसीसी के इस फैसले को ‘दोहरा मापदंड’ करार दिया और बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की घोषणा कर दी थी।
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