Tej Pratap: मकर संक्रांति के मौके पर बिहार की राजनीति में चूड़ा-दही भोज एक बार फिर सियासी बहस का केंद्र बन गया है। इस बार चर्चा का कारण बने राजद नेता तेज प्रताप यादव का भोज और उस पर लालू यादव के करीबी रहे वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी की तीखी टिप्पणी।
तेज प्रताप के भोज पर सियासी हलचल
जनशक्ति जनता दल के नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपने सरकारी आवास पर चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, राजद अध्यक्ष लालू यादव और एनडीए के कई नेता भी शामिल हुए। इस भोज को लेकर राजनीतिक गलियारों में दिनभर चर्चा होती रही।
Tej Pratap: शिवानंद तिवारी का तीखा बयान
पूर्व सांसद शिवानंद तिवारी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए कहा कि इस बार मकर संक्रांति की राजनीति में अगर कोई सबसे ज्यादा नजर आ रहा है तो वह तेज प्रताप यादव हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पूरी तरह ओझल दिख रहे हैं। उन्होंने लिखा कि “आज तेजस्वी गुम हैं और तेज प्रताप छाए हुए हैं।”
राबड़ी देवी आवास की सूनी परंपरा
तिवारी ने राबड़ी देवी के 10 नंबर आवास का जिक्र करते हुए कहा कि पहले यहां चूड़ा-दही भोज के बहाने कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगता था, जिससे उन्हें नई ऊर्जा मिलती थी। इस बार यह आवास सूना रहा, जबकि चुनाव के बाद कार्यकर्ताओं को उत्साह देने की ज्यादा जरूरत थी।
Tej Pratap: कार्यकर्ताओं के मनोबल पर सवाल
उन्होंने यह भी कहा कि जब नेता ही मैदान में नजर नहीं आएंगे, तो पार्टी कार्यकर्ताओं को कौन प्रेरित करेगा। उनके इस बयान को राजद के अंदरूनी हालात से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे बिहार की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।







