TMC: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी का कहना है कि पश्चिम बंगाल में आदिवासी (एसटी) समुदायों के विकास के लिए राज्य सरकार ने कई ठोस और प्रभावी योजनाएं लागू की हैं। टीएमसी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के जरिए एक विस्तृत पोस्ट जारी कर इन योजनाओं और उनके लाभार्थियों से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। पार्टी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राष्ट्रपति को यह धारणा हुई कि बंगाल में आदिवासी समुदायों के लिए पर्याप्त विकास कार्य नहीं हुए। टीएमसी ने सम्मानपूर्वक विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राज्य सरकार लगातार आदिवासी समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए काम कर रही है।
लक्ष्मीर भंडार और सिखश्री जैसी योजनाओं का जिक्र
टीएमसी ने बताया कि ‘लक्ष्मीर भंडार योजना’ के तहत एसटी महिलाओं को दी जाने वाली मासिक आर्थिक सहायता 500 रुपए बढ़ाकर 1,700 रुपए प्रति माह कर दी गई है, जिससे उन्हें सालाना 20,400 रुपए मिलते हैं। वहीं 2025-26 में ‘सिखश्री स्कॉलरशिप’ के तहत 1,09,272 एसटी छात्रों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
TMC: जय जोहार योजना से लाखों को पेंशन
पार्टी के अनुसार ‘जय जोहार योजना’ के तहत 2,98,315 लाभार्थियों को हर महीने 1,000 रुपए की पेंशन दी जा रही है। इससे आदिवासी परिवारों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई है। इसके अलावा ‘सिद्धू कानू मेमोरियल (संथाली माध्यम) अबासिक स्कूल’ की स्थापना भी की गई है, ताकि एसटी समुदाय के बच्चे अपनी मातृभाषा संथाली में शिक्षा प्राप्त कर सकें।
जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर जोर
टीएमसी ने बताया कि जंगलमहल क्षेत्रों में 35,845 एसटी लोग केंदू लीव्स कलेक्टर्स सोशल सिक्योरिटी स्कीम से लाभान्वित हो रहे हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। जनजातीय इलाकों में सड़क, पुल, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए अब तक 78.94 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। पार्टी ने कहा कि इन सभी योजनाओं का उद्देश्य आदिवासी समुदाय को सम्मान, अवसर और समावेशी विकास प्रदान करना है। टीएमसी ने राष्ट्रपति से अपील की कि वे इन प्रयासों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को समझें।






