Trade Deal: संसद में गुरुवार को ट्रेड डील, नए लेबर कोड और विशेषाधिकार प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने और किसानों-मजदूरों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। वहीं, सत्तापक्ष ने इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया।
ट्रेड डील पर किसानों को नुकसान का आरोप
सपा सांसद डिंपल यादव ने दावा किया कि प्रस्तावित ट्रेड डील के तहत कृषि उत्पाद शून्य आयात शुल्क के साथ भारत आ सकते हैं, जिससे किसानों और युवाओं को नुकसान होगा। प्रियंका चतुर्वेदी ने भी कहा कि इस समझौते में छोटे व्यापारियों और किसानों के अधिकारों से समझौता किया गया है। कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने सवाल उठाया कि क्या ऐसी डील से देश की सुरक्षा, ऊर्जा और डेटा हित सुरक्षित रहेंगे।
Trade Deal: विशेषाधिकार प्रस्ताव पर सियासत
राहुल गांधी के बयान को लेकर विशेषाधिकार हनन नोटिस की खबरों पर विपक्ष ने इसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उन्होंने किसी को उकसाया नहीं और शांतिपूर्वक अपनी बात रखी। राजीव राय ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष अपने नेताओं को संरक्षण देता है, जबकि विपक्ष के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाती है।
लेबर कोड और हड़ताल पर समर्थन
नए लेबर कोड को लेकर विपक्ष ने सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। राम गोपाल यादव ने ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि ये कानून आम लोगों के हितों के खिलाफ हैं। राजीव शुक्ला ने पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान का उल्लेख करते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की।






