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उत्तराखंड में यूसीसी दिवस, सीएम धामी बोले-यह सिर्फ कानून नहीं

UCC Day Uttarakhand: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून के लागू होने के एक वर्ष पूरे होने पर राज्य में इसे ‘समान नागरिक संहिता दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल बताया।

‘प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से शुरू हुई ऐतिहासिक पहल’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुई आर्टिकल यह पहल सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि समानता, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता की सशक्त नींव है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यूसीसी समाज में न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

UCC Day Uttarakhand: महिलाओं को समान अधिकार दिलाने का माध्यम

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य महिलाओं को उनके वैधानिक अधिकारों में पूर्ण समानता दिलाना है। यह व्यवस्था विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे विषयों में भेदभाव को समाप्त कर महिलाओं को समान और न्यायसंगत अधिकार सुनिश्चित करती है।

डिजिटल सेवाओं में आई तेजी

सीएम धामी ने बताया कि पिछले एक वर्ष में यूसीसी के अंतर्गत विवाह पंजीकरण और अन्य नागरिक सेवाओं में उल्लेखनीय तेजी आई है। राज्य सरकार द्वारा 23 भाषाओं में सहायता सुविधा और एआई आधारित सपोर्ट सिस्टम लागू किया गया है, जिससे हर नागरिक तक इस कानून का लाभ पहुंच सके।

UCC Day Uttarakhand:  यूसीसी में किया गया अहम संशोधन

इससे पहले सोमवार को समान नागरिक संहिता कानून में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश-2026 को मंजूरी दी। इसके तहत अब आपराधिक प्रक्रिया संहिता-1973 के स्थान पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 और दंडात्मक प्रावधानों के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 को लागू किया गया है।

विवाह और लिव-इन संबंधों पर सख्त प्रावधान

संशोधन के तहत विवाह के समय पहचान से जुड़ी गलत जानकारी को विवाह निरस्तीकरण का आधार बनाया गया है। विवाह और लिव-इन संबंधों में बल, धोखाधड़ी और अवैध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं। साथ ही, लिव-इन संबंध की समाप्ति पर पंजीयक द्वारा समाप्ति प्रमाण पत्र जारी करने का प्रावधान जोड़ा गया है।

UCC Day Uttarakhand:  शब्दावली और अधिकारों में बदलाव

अनुसूची-2 में ‘विधवा’ शब्द के स्थान पर ‘जीवनसाथी’ शब्द का प्रयोग किया गया है। विवाह, तलाक, लिव-इन संबंध और उत्तराधिकार से जुड़े पंजीकरण को निरस्त करने की शक्ति अब पंजीयक जनरल को प्रदान की गई है।

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