UP Election 2027: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे के साथ ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इस दौरे को सीधे तौर पर योगी कैबिनेट के संभावित विस्तार और फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है। केंद्रीय नेतृत्व के साथ लगातार बैठकों के बाद संकेत साफ हैं कि आने वाले दिनों में योगी सरकार का आकार और स्वरूप दोनों बदल सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब 55 मिनट तक अहम मुलाकात हुई। इस दौरान आगामी चुनावी रणनीति, संगठनात्मक संतुलन और कैबिनेट में शामिल किए जाने वाले संभावित चेहरों पर विस्तार से चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि कई नामों पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है।
कोर कमेटी की बैठक में कैबिनेट विस्तार पर मंथन
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक भी आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी भी शामिल रहे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कैबिनेट विस्तार की अंतिम रूपरेखा और सामाजिक-सियासी संतुलन को लेकर इसी बैठक में ठोस रणनीति तय की गई।
UP Election 2027: संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा तेज
सूत्रों के अनुसार, योगी कैबिनेट में शामिल किए जाने वाले संभावित चेहरों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, एमएलसी महेंद्र सिंह, एमएलसी अशोक कटारिया, एमएलसी गोविंद नारायण, विधायक राजेश चौधरी और नोएडा से विधायक पंकज सिंह के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक किसी भी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों का दावा: 7 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार करीब 7 नए चेहरों को मंत्री बनाए जाने की संभावना है। इनमें मनोज पांडे, पद्मासन सेन चौधरी,आशीष कुमार ‘आशु’ (कुर्मी समाज से), पूजा पाल, और भूपेंद्र चौधरी जैसे नामों पर भी मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि सामाजिक समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर अंतिम सूची तैयार की जा रही है। देखना होगा अखिर में किन नामों पर मुहर लगती है।

UP Election 2027: 15 जनवरी से पहले हो सकता है ऐलान
भाजपा सूत्रों का कहना है कि खरमास समाप्त होने से पहले, यानी 15 जनवरी से पहले, कैबिनेट विस्तार को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। इसके बाद योगी सरकार में नए मंत्रियों की एंट्री के साथ कुछ विभागों में बदलाव भी संभव है।
चुनावी समीकरण साधने की रणनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार केवल प्रशासनिक जरूरत नहीं, बल्कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक, क्षेत्रीय और संगठनात्मक संतुलन साधने की रणनीति का हिस्सा है। दिल्ली में हुई बैठकों को इसी व्यापक योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें 15 जनवरी पर टिकी हैं, जब योगी कैबिनेट की नई तस्वीर सामने सकती है।
आज नई दिल्ली में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी से शिष्टाचार भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।
आपका पाथेय ‘नए उत्तर प्रदेश’ की विकास यात्रा को और अधिक गति प्रदान करने हेतु सदैव नवीन ऊर्जा का संचार करता है।
अपना बहुमूल्य समय प्रदान करने हेतु हार्दिक आभार… pic.twitter.com/bQmGojpojB
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 5, 2026
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