UP News: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में अनुशासन और मर्यादा को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन इसी बीच अलीगढ़ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने विभाग की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अलीगढ़ में तैनात एक दरोगा को उसकी शादी से ठीक सात दिन पहले निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। दरोगा पर एक महिला सिपाही ने अश्लील मैसेज भेजने और अकेले में मिलने का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ जनपद में तैनात एक महिला सिपाही ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नीरज कुमार जादौन के समक्ष पेश होकर अपनी आपबीती सुनाई। महिला सिपाही ने आरोप लगाया कि उक्त दरोगा पिछले काफी समय से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। शिकायत में कहा गया है कि दरोगा उसे देर रात अभद्र और अश्लील मैसेज भेजता था। हद तो तब हो गई जब दरोगा ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए सिपाही को अकेले में मिलने के लिए बुलाया। महिला सिपाही ने अपनी शिकायत में बताया कि दरोगा की इन हरकतों की वजह से वह काफी तनाव में थी और अंततः उसे न्याय के लिए आलाधिकारियों का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
UP News: SSP की सख्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP नीरज कुमार जादौन ने तत्काल प्रभाव से दरोगा को निलंबित कर दिया है। पुलिस कप्तान ने स्पष्ट किया है कि विभाग के भीतर किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या महिला सहकर्मियों के साथ अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सस्पेंशन के साथ ही दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश भी दे दिए गए हैं। वहीं, दूसरी ओर निलंबित दरोगा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। दरोगा का कहना है कि यह उसके खिलाफ एक गहरी साजिश है। दरोगा के मुताबिक, उसकी शादी होने वाली है और ठीक एक हफ्ते पहले इस तरह के झूठे आरोप लगाकर उसका करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। दरोगा ने मीडिया के सामने कहा कि मुझ पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और झूठे हैं। मुझे फंसाया जा रहा है। मैं किसी भी प्रकार की निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि सच जल्द ही सामने आएगा।”
दरोगा की शादी के घर में जहां शहनाइयों की गूंज सुनाई देने वाली थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। सात दिन बाद होने वाले विवाह समारोह की तैयारियों के बीच इस कार्रवाई ने परिवार को सदमे में डाल दिया है। पुलिस महकमे में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या यह वास्तव में उत्पीड़न का मामला है या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है। पुलिस विभाग अब इस मामले के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहा है। महिला सिपाही द्वारा बताए गए मोबाइल चैट्स और कॉल डिटेल्स को साक्ष्य के तौर पर देखा जा सकता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि दोषी कौन है। फिलहाल, इस कार्रवाई ने महकमे के उन पुलिसकर्मियों को कड़ा संदेश दिया है जो पद की गरिमा भूलकर अनुशासनहीनता करते हैं।
Report BY: संजय कुमार
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