UP News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में गौकशी से जुड़े एक गंभीर प्रकरण ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फरीदापुर चौधरी क्षेत्र में एक नाले से लगातार दो दिनों तक गोवंश के अवशेष मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाही बरतने वाले सात पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
आदेशों की अनदेखी पड़ी भारी
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को पहली बार नाले में अवशेष मिलने के बाद संबंधित पुलिस टीम को तत्काल सफाई कराने, अवशेषों को दफनाने और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, स्थानीय चौकी इंचार्ज और तैनात पुलिसकर्मियों ने इन निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया। जिसके बाद रविवार को उसी स्थान पर दोबारा अवशेष मिलने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। इससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती और बढ़ गई। मौके की स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। क्षेत्राधिकारी पंकज श्रीवास्तव की रिपोर्ट के आधार पर दो चौकी इंचार्ज, चार हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल को सस्पेंड किया गया है। सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
UP News: आरोपियों की तलाश जारी
प्रशासन ने जेसीबी की मदद से नाले की दोबारा सफाई कराई और अवशेषों को दफन कर स्थिति को नियंत्रित किया। साथ ही पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की जवाबदेही और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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