UP NEWS: उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए एक अहम पहल के तहत जल जीवन मिशन 2.0 के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
केंद्र-राज्य समन्वय का उदाहरण
यह समझौता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुआ। इसे मिशन के अगले चरण की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है।
UP NEWS: ‘हर घर नल से जल’ लक्ष्य को गति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह समझौता ‘हर घर नल से जल’ के लक्ष्य को तेजी से पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार
सीएम योगी ने बताया कि पहले जहां सीमित गांवों तक ही पाइप से पेयजल की सुविधा थी, वहीं अब हजारों गांवों में नियमित जलापूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल से स्वास्थ्य स्थितियों में भी सुधार आया है, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों पर नियंत्रण में मदद मिली है।

UP NEWS: बुंदेलखंड-विंध्य में बदले हालात
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड और विंध्य जैसे जल संकट वाले क्षेत्रों में अब घर-घर नल से जल पहुंच रहा है, जो सरकार की प्राथमिकता और योजनाओं की सफलता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि जल योजनाओं के रखरखाव और दीर्घकालिक संचालन पर भी ध्यान दे रही है, जिससे व्यवस्था टिकाऊ बनी रहे।
गुणवत्ता और जवाबदेही पर फोकस
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने राज्यों से अपील की कि योजनाओं को दीर्घकालिक उपयोग को ध्यान में रखकर लागू किया जाए। इस समझौते से न केवल पेयजल आपूर्ति मजबूत होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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