Up news: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में स्टील रेलिंग लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर में रेलिंग लगाने का ठेका दिए जाने की खबर सामने आते ही साधु-संतों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। संतों का कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर ऐसे व्यक्ति को काम नहीं दिया जाना चाहिए जिसकी सनातन पर आस्था न हो। वहीं, प्रशासन ने इस मामले में सफाई दी है और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
संतों ने ठेके का किया विरोध
विवाद तब शुरू हुआ जब मंदिर में रेलिंग लगाने का काम सलीम अहमद नाम के व्यक्ति को दिए जाने की बात सामने आई। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि ब्रजभूमि भगवान राधा-कृष्ण की लीला स्थली है, इसलिए यहां ऐसे लोगों को काम नहीं दिया जाना चाहिए जिनकी सनातन धर्म में आस्था नहीं है।
Up news: जांच और ठेका रद्द करने की मांग
फलाहारी महाराज ने पत्र में आरोप लगाया कि सनातन समाज में इस तरह के काम करने वाले हजारों ठेकेदार मौजूद हैं, ऐसे में दूसरे धर्म के व्यक्ति को ठेका दिए जाने से लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और संबंधित ठेका रद्द कर किसी सनातन धर्म के व्यक्ति को काम देने की मांग की है।
Up news: डीएम ने दी सफाई
साधु-संतों और ब्रजवासियों के विरोध के बाद जिलाधिकारी और बांके बिहारी मंदिर न्यास के पदेन सचिव सीपी सिंह ने मामले पर सफाई दी। उन्होंने बताया कि रेलिंग लगाने का ठेका मेरठ की कनिका कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। कंपनी काम किससे करवा रही है, यह प्रशासन का विषय नहीं है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यह काम मंदिर के फंड से नहीं बल्कि CSR फंड से कराया जा रहा है।
अफवाहों से बचने की अपील
Up news: डीएम ने लोगों से अपील की है कि इस मामले में किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं और प्रशासन का सहयोग करें। फिलहाल इस विवाद को लेकर ब्रज क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं।
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