UP News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली और शर्मनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरे शिक्षा जगत और समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा बुलंद कर रही है, वहीं दूसरी तरफ लखीमपुर के एक विद्यालय में तैनात ‘भक्षक’ बने शिक्षक ने मासूम छात्राओं के भविष्य और सम्मान के साथ खिलवाड़ किया है। विद्यालय के एक सहायक अध्यापक पर कक्षा 6, 7 और 8 की छात्राओं के साथ छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार और अश्लील वीडियो दिखाने के सनसनीखेज आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और पुलिस ने पॉक्सो (POSCO) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
कॉपी जांचने के बहाने रचता था ‘गंदा खेल’
यह शर्मनाक मामला तब उजागर हुआ जब विद्यालय की कक्षा 6, 7 और 8 की छात्राओं का सब्र का बांध टूट गया। पीड़ित छात्राओं ने सुबकते हुए अपने परिजनों को बताया कि उनके विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक लंबे समय से उनके साथ अभद्र हरकतें कर रहा था। छात्राओं के मुताबिक, शिक्षक अक्सर कॉपी जांचने के बहाने उन्हें अपने पास बुलाता था। जब छात्राएं मासूमियत के साथ अपनी कॉपियां लेकर शिक्षक की मेज तक पहुंचती थीं, तो आरोपी शिक्षक उन्हें गलत नीयत से छूता (Bad Touch) था और उनके साथ छेड़छाड़ करता था।
छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोप यहीं खत्म नहीं होते। उन्होंने एक और भयावह खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी शिक्षक अपनी मर्यादा भूल चुका था। वह अक्सर क्लासरूम में या एकांत पाकर छात्राओं को अपने पास बुलाता था और अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो (Obscene Videos) दिखाता था। विरोध करने पर छात्राओं को फेल करने या डराने-धमकाने की बात भी सामने आई है। शिक्षा के मंदिर में एक गुरु द्वारा इस तरह की ‘मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना’ देना समाज के लिए एक बड़ा कलंक है।
UP News: पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
जब छात्राओं ने घर जाकर अपनी आपबीती सुनाई, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। आक्रोशित अभिभावक भारी संख्या में विद्यालय पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मामला बढ़ता देख स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित छात्राओं के बयान दर्ज किए और अभिभावकों की लिखित शिकायत पर आरोपी सहायक अध्यापक के खिलाफ पॉक्सो (POSCO) एक्ट और छेड़छाड़ की अन्य संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले की गहनता से जांच की जा रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। मामले की गूँज जिला मुख्यालय तक पहुँचते ही बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया और प्रारंभिक जांच में शिक्षक को प्रथम दृष्टया दोषी पाया। विभाग ने बिना देरी किए आरोपी सहायक अध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं, जिसमें बर्खास्तगी तक की कार्रवाई संभव है।
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