UP News: उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी में एक ओर जहाँ लोग अपनी दैनिक दिनचर्या में व्यस्त थे, वहीं दूसरी ओर थाना मैगलगंज क्षेत्र के अंतर्गत एक गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। चपरतला चौकी क्षेत्र के ग्राम पिपरी अजीज में अचानक लगी भीषण आग ने एक हंसते-खेलते घर की खुशियों को राख के ढेर में बदल दिया। इस अग्निकांड में ग्रामीण उदल का मकान पूरी तरह जल गया और देखते ही देखते उनकी जीवन भर की जमा पूंजी धुएं में तब्दील हो गई।
अज्ञात कारणों ने मचाई तबाही
जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब गांव के अन्य लोग अपने कार्यों में व्यस्त थे। ग्राम पिपरी अजीज निवासी उदल के मकान से अचानक धुएं का गुबार उठता देखा गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे मकान को अपनी आगोश में ले लिया। आग लगने का सटीक कारण अभी तक ‘अज्ञात’ बना हुआ है, लेकिन इसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर के भीतर रखा कोई भी कीमती सामान बचाया नहीं जा सका। मकान से उठती आग की लपटों और चीख-पुकार को सुनकर पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण आनन-फानन में अपने घरों से बाल्टियां और बर्तन लेकर मौके पर पहुंचे। बिजली की मोटर और पास के हैंडपंपों की मदद से ग्रामीणों ने आग बुझाने का अथक प्रयास किया। हालांकि, आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग को बुझाया, लेकिन तब तक उदल का कच्चा मकान और उसमें रखा घरेलू सामान पूरी तरह स्वाहा हो चुका था।
UP News: खुले आसमान के नीचे आया परिवार
इस भीषण अग्निकांड में उदल की गृहस्थी का भारी नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार के अनुसार, घर में रखा…
* राशन और अनाज: साल भर के खाने के लिए जमा किया गया गेहूं, चावल और अन्य खाद्य सामग्रियां जल गईं।
* वस्त्र और बिस्तर: परिवार के पास अब पहनने के लिए केवल वही कपड़े बचे हैं जो उन्होंने पहन रखे थे।
* घरेलू उपकरण: बर्तन, संदूक और दैनिक उपयोग का सारा सामान राख हो गया।
* कीमती बचत: मेहनत मजदूरी कर जोड़े गए कुछ पैसे भी आग की भेंट चढ़ गए।
फिलहाल, उदल और उनका परिवार इस समय गहरे सदमे में है। रोते-बिलखते परिवार का कहना है कि उन्होंने पाई-पाई जोड़कर यह आशियाना बनाया था, जिसे आग ने मिनटों में छीन लिया। अब उनके पास न रहने को छत है और न ही खाने को दाना। वहीं घटना की सूचना स्थानीय चौकी चपरतला और थाना मैगलगंज को दे दी गई है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग से मांग की है कि पीड़ित उदल की स्थिति का जायजा लेकर नुकसान का उचित आकलन किया जाए। क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी से पीड़ित परिवार को तत्काल राहत राशि और सरकारी सहायता (जैसे मुख्यमंत्री राहत कोष या आपदा राहत) उपलब्ध कराने की अपील की है ताकि वे दोबारा अपना सिर छिपाने लायक जगह बना सकें।
Report By: संजय कुमार
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