Up News: उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार को योगी सरकार ने एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। राज्य सरकार ने उन्हें उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
राज्यपाल की स्वीकृति से हुई नियुक्ति
विशेष सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम, 2023 तथा संशोधित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (संशोधन) अध्यादेश, 2025 की धारा-4 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्यपाल ने डॉ. प्रशांत कुमार, पूर्व डीजीपी, को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज के अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया है।
Up News: एकीकृत आयोग से भर्ती प्रक्रिया होगी मजबूत
योगी सरकार ने उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन आयोग का विलय कर एकीकृत शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन किया है। इस कदम का उद्देश्य शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित, समयबद्ध और पारदर्शी बनाना है, जिससे लंबे समय से चली आ रही चयन संबंधी समस्याओं का समाधान हो सके।
प्रशांत कुमार का प्रशासनिक अनुभव
प्रशांत कुमार उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहे हैं। उन्होंने डीजीपी के रूप में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने, प्रशासनिक सुधारों को लागू करने और पुलिस आधुनिकीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उनके पास शासन और प्रबंधन का लंबा अनुभव रहा है।
Up News: शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद
शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष के रूप में प्रशांत कुमार की नियुक्ति को प्रशासनिक दक्षता और संस्थागत नेतृत्व के प्रभावी उपयोग के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होगी, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
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