UP News: मुरादाबाद जिले में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रामवीर सिंह द्वारा की गई शिकायत के बाद यह मामला तूल पकड़ता गया, जिस पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद जिलाधिकारी मुरादाबाद ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश जारी किए हैं।
बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप
विधायक रामवीर सिंह ने आरोप लगाया था कि जनपद में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत जिन पात्रता मानकों का पालन किया जाना चाहिए था, उन्हें नजरअंदाज किया गया। इसके साथ ही कई ऐसे जोड़ों को योजना का लाभ दिया गया जो निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते थे। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि नवविवाहित जोड़ों को दिए जाने वाले सामान के वितरण में भी गंभीर अनियमितताएं की गईं और कई लाभार्थियों को पूरा सामान नहीं मिला। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी अनुज कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद स्तरीय अधिकारियों की एक जांच समिति गठित की। समिति द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह करने वाले सभी जोड़ों का दोबारा सत्यापन कराया गया। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में योजना के अंतर्गत लगभग 1600 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। पुनः सत्यापन के दौरान 37 जोड़े अपात्र पाए गए। इनमें से 34 अपात्र जोड़े मुंडापांडे ब्लॉक से संबंधित हैं, जबकि नगर क्षेत्र और अन्य ब्लॉकों से एक-दो अपात्र जोड़ों की पहचान की गई है। डीएम अनुज कुमार सिंह ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ पात्र लाभार्थियों को योजना के अंतर्गत दिया जाने वाला पूरा सामान नहीं मिला था। ऐसे सभी मामलों में अब संबंधित जोड़ों को शेष सामान उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
UP News: अंतिम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा लाभार्थियों का सत्यापन किया गया था, यदि जांच में उनकी लापरवाही या भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय और विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की ओर से यह भी बताया गया है कि जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यदि भ्रष्टाचार या जानबूझकर की गई गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कराना है। ऐसे में इस योजना में अनियमितताओं के सामने आने से प्रशासन और सरकार दोनों की छवि पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
Report BY: सलमान युसूफ
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