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Yogi सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को क्यों घेर बैठे MLA बृजभूषण? जानें आरोपों में कितना है सच?

Swatantra Dev Singh

UP News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में उस वक्त सियासी हलचल तेज हो गई, जब चरखारी से विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को रोक दिया। इस घटनाक्रम के बाद जिले में चल रहे जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर राजनीति गरमा गई है। विधायक बृजभूषण राजपूत ने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में सड़क निर्माण और पाइपलाइन बिछाने के बाद रोड रेस्टोरेशन का काम अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

डीएम ने प्रस्तुत किया लेखा-जोखा

विधायक के इन आरोपों के बाद प्रशासनिक अमला भी हरकत में आ गया। महोबा की जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद में कराए गए कार्यों का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। डीएम ने स्पष्ट किया कि जिले में इस योजना के तहत 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरे कर लिए गए हैं और शेष कार्यों को भी शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम गजल भारद्वाज के अनुसार, जनपद महोबा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत शामिल पांच परियोजनाओं के माध्यम से कुल 344 गांवों में कार्य कराया जा रहा है। इन परियोजनाओं के तहत 3224 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी थी, जिसके सापेक्ष अब तक 3205 किलोमीटर पाइपलाइन लेन का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। इसके साथ ही जिले में 1 लाख 12 हजार 32 घरों में जल कनेक्शन भी दिए जा चुके हैं।

पाइपलाइन बिछाने के दौरान जिले की लगभग 1131 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं। प्रशासन के अनुसार, इसके सापेक्ष 1118 किलोमीटर सड़क का रोड रेस्टोरेशन कार्य पूरा कराया जा चुका है। शेष बचे कार्यों को लेकर संबंधित कार्यदाई संस्थाओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं। चरखारी विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए डीएम ने बताया कि यहां 717 किलोमीटर सीसी रोड क्षतिग्रस्त हुई थी, जिनमें से 706 किलोमीटर सीसी रोड का निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इस कार्य का थर्ड पार्टी एजेंसी से वेरिफिकेशन भी कराया गया है। शेष 12 किलोमीटर सीसी रोड के निर्माण को लेकर कार्यदाई संस्था को तत्काल कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीएम ने यह भी जानकारी दी कि बीते महीनों में इस संबंध में शिकायतें मिलने पर ग्राम प्रधानों और ग्राम सचिवों के माध्यम से फील्ड वेरिफिकेशन कराया गया था। इसके बाद जनपदीय अधिकारियों ने भी मौके पर जाकर स्थिति की जांच की। वेरिफिकेशन के दौरान जो खामियां सामने आईं, उनकी सूची तैयार कर कार्यदाई संस्थाओं को रोड रेस्टोरेशन के लिए सौंप दी गई थी।

UP News: चर्चा का विषय बना ये मामला

जबकि कलेक्ट्रेट जनसभागार में ग्राम प्रधानों के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह सामने आया कि अधिकांश गांवों में सड़क का पुनर्निर्माण हो चुका है, हालांकि कुछ स्थानों पर पैचवर्क अभी अधूरा है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शेष बचे पैचवर्क को प्राथमिकता पर जल्द से जल्द पूरा कराया जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। फिलहाल, विधायक के आरोपों और प्रशासनिक दावों के बीच यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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