UP News: मुरादाबाद जिले के काठ कस्बे में स्थित डीएसएम डिग्री कॉलेज में एक अमृतधारी सिख छात्र को कृपाण पहनकर परीक्षा देने से रोके जाने का मामला सामने आने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। इस घटना को लेकर सिख समाज में भारी रोष है और इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया जा रहा है। समाज के लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
छात्र ने लगाए आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीएसएम डिग्री कॉलेज में बी.ए. प्रथम वर्ष के छात्र सरदार जपन सिंह, जो कि एक अमृतधारी सिख हैं, परीक्षा देने के लिए कॉलेज पहुंचे थे। आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर तैनात स्टाफ द्वारा उनकी तलाशी ली गई और उन्हें कृपाण उतारने के लिए कहा गया। छात्र ने स्टाफ को बताया कि कृपाण सिख धर्म का अनिवार्य अंग है और धार्मिक मर्यादा के अनुसार वह इसे उतार नहीं सकते। छात्र का आरोप है कि इस दौरान कॉलेज स्टाफ द्वारा उनके साथ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया तथा उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं करने दिया गया। इसके बाद उन्हें परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया। घटना से आहत छात्र ने इसकी जानकारी अपने परिजनों और सिख समाज के लोगों को दी।
मामले की जानकारी मिलते ही गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा काठ सहित सिख समाज के प्रतिनिधि एकत्र हो गए और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी जताई। सिख समाज के लोगों ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने की पूर्ण स्वतंत्रता देता है और कृपाण सिख धर्म का अभिन्न हिस्सा है। ऐसे में किसी अमृतधारी सिख को कृपाण उतारने के लिए मजबूर करना न केवल अनुचित है, बल्कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य भी है।
UP News: निष्पक्ष जांच की मांग
सिख समाज के प्रतिनिधियों ने इस घटना को गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश और जिला प्रशासन को ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि भविष्य में शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। मामले को लेकर सिख समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी मुरादाबाद से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है और कॉलेज प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस घटना को लेकर कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं सिख समाज का कहना है कि जब तक पीड़ित छात्र को न्याय नहीं मिलता, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे।
Report BY: सलमान युसूफ







