UP News: उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर में अधिवक्ता फारूख अहमद खां की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई जघन्य हत्या के विरोध में आज लखीमपुर खीरी की तहसील निघासन में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। निघासन सिविल बार एसोसिएशन के बैनर तले एकत्रित हुए दर्जनों अधिवक्ताओं ने कार्य का बहिष्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े किए। इस दौरान अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक चार सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम राजीव निगम को सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
रामपुर की घटना ने दहलाया न्यायिक जगत
रामपुर बार एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य फारूख अहमद खां की दिनदहाड़े हत्या ने पूरे प्रदेश के कानूनी हलकों में सनसनी फैला दी है। निघासन के अधिवक्ताओं का कहना है कि एक तरफ सरकार कानून व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ न्याय दिलाने वाले समाज के स्तंभ यानी अधिवक्ताओं को सरेराह निशाना बनाया जा रहा है। संजय कुमार राठौर की रिपोर्ट के अनुसार, निघासन के अधिवक्ताओं ने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करार दिया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान अधिवक्ताओं ने मुख्य रूप से ‘अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम’ (Advocate Protection Act) को तत्काल लागू करने की मांग की। अधिवक्ताओं का तर्क है कि जब तक यह कानून धरातल पर नहीं आता, तब तक वकीलों पर होने वाले हमले नहीं रुकेंगे। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार अधिवक्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है और उन पर जानलेवा हमले हो रहे हैं, जिससे उनके मनोबल पर विपरीत असर पड़ रहा है।

UP News: आर्थिक सहायता और सुरक्षा की मांग
निघासन सिविल बार एसोसिएशन ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें प्रमुखता से रखी हैं:
* मृतक के परिवार को संबल: रामपुर के मृतक अधिवक्ता के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए ताकि उनका परिवार गरिमापूर्ण जीवन जी सके।
* दोषियों को मृत्युदंड: इस हत्याकांड में शामिल अपराधियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए और उन्हें कठोरतम सजा दी जाए।
* न्यायालयों की सुरक्षा: प्रदेश के प्रत्येक न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को हाई-टेक बनाया जाए और बिना चेकिंग के किसी भी संदिग्ध का प्रवेश वर्जित किया जाए।
* राज्यव्यापी सुरक्षा घेरा: पूरे उत्तर प्रदेश में वकीलों को विशेष सुरक्षा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए जाएं।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी
अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम राजीव निगम से मिला और उन्हें अपनी पीड़ा से अवगत कराया। अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह विरोध प्रदर्शन केवल तहसील स्तर तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में लखीमपुर खीरी समेत पूरे प्रदेश के अधिवक्ता सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। अधिवक्ताओं ने कहा कि फारूख अहमद खां की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं है, बल्कि यह न्याय प्रणाली को डराने का प्रयास है। इस दौरान निघासन बार के कई वरिष्ठ अधिवक्ता और युवा साथी मौजूद रहे, जिन्होंने इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का संकल्प लिया।
Report By: संजय कुमार राठौर






