UP News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में महानगर कांग्रेस कमेटी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े प्रकरण में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। इस संबंध में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से भेजा गया।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष हाजी जुनैद इकराम (बंटी) ने कहा कि सनातन धर्म की सर्वोच्च पीठ ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ कथित व्यवहार से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्य बोलने वाले संतों को सरकारी तंत्र के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है।
ज्ञापन में दावा किया गया कि कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य और उनके शिष्यों को पवित्र स्नान से रोका गया, जो संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन है। साथ ही शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार और पुलिस स्टेशन ले जाकर अमर्यादित व्यवहार किए जाने की भी निंदा की गई।
कांग्रेस कमेटी ने यह भी कहा कि शंकराचार्य और स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज होने की सूचना से धार्मिक समुदाय में रोष है। मुख्य मांगों में स्वतंत्र एजेंसी से जांच, कथित प्रेरक कारणों की पड़ताल और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई शामिल है।
कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से जन-आंदोलन किया जाएगा।
Report BY: सलमान यूसुफ






