UP News: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां भारतीय सेना के एक मेजर ने सादगी और सामाजिक संदेश के साथ शादी कर दहेज प्रथा के खिलाफ मिसाल पेश की है। उन्होंने विवाह में केवल 1 रुपये का शगुन और एक नारियल स्वीकार किया। यह विवाह सरसावा क्षेत्र के मीरपुर गांव निवासी मेजर मधुर चौधरी और ब्रजमंडल की रहने वाली कैप्टन ज्योति सौरोत के बीच 16 मार्च 2026 को संपन्न हुआ। दोनों ही भारतीय सेना में कार्यरत हैं, हालांकि सुरक्षा कारणों से उनकी तैनाती की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
दहेज न लेने का निर्णय
मेजर मधुर चौधरी के पिता चौधरी ओमपाल सिंह, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं, ने बताया कि उनके परिवार ने शुरू से ही दहेज न लेने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि हमारा बेटा बहू नहीं, बल्कि बेटी लेकर आया है। हमारे लिए इससे बड़ा कोई दहेज नहीं हो सकता। मधुर चौधरी वर्ष 2018 में देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी से पास आउट होकर सेना में कमीशंड हुए थे, जबकि उनकी पत्नी ज्योति सौरोत 2019 बैच की अधिकारी हैं।
UP News: कैसे तय हुआ रिश्ता?
परिजनों के अनुसार, मधुर के माता-पिता एक धार्मिक यात्रा के दौरान मथुरा गए थे, जहां उनकी मुलाकात ज्योति के परिवार से हुई। बातचीत के दौरान दोनों परिवारों ने अपने बच्चों के बारे में जानकारी साझा की, जिसके बाद यह रिश्ता आगे बढ़ा और शादी तक पहुंचा। मधुर की मां रेखा चौधरी ने कहा कि हमारी बहू हमारे घर लक्ष्मी बनकर आई है। हमने उसे पहले दिन से ही बेटी की तरह अपनाया है। उन्होंने नवदंपति के सुखद वैवाहिक जीवन की कामना भी की।

मेजर मधुर चौधरी ने बताया कि उन्होंने छात्र जीवन में ही दहेज न लेने का संकल्प ले लिया था। उन्होंने कहा कि दहेज के कारण टूटते रिश्तों की खबरें पढ़कर यह फैसला लिया। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आएं और दहेज प्रथा का विरोध करें।
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