UP News: गाजियाबाद के निवाड़ी थाने के इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत को विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। जिनके पास से 50 हजार रुपये भी बरामद किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर जयपाल रावत के खिलाफ पहले भी शिकायतें आ चुकी थीं, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह बिना पैसे लिए काम नहीं करते। इस मामले में विजिलेंस ने जांच कर कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।
फर्जी केस का शिकार बने पूर्व प्रधान
निवाड़ी थाना क्षेत्र के अबुपुर गांव निवासी राकेश कुमार उर्फ बिट्टू, जो साल 2000 से 2005 तक गांव के प्रधान रहे, ने बताया कि 2 जनवरी 2026 को उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप था कि उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। राकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने कभी किसी ग्रुप में ऐसा कुछ लिखा नहीं है और उनकी गांव के विजय सिंह से चुनावी रंजिश चल रही है। उनका आरोप है कि साजिशन उनका फर्जी मामला दर्ज किया गया और इंस्पेक्टर जयपाल रावत ने उन्हें धमकाया कि अगर 50 हजार रुपये नहीं दिए तो जेल भेज दिया जाएगा।
UP News: अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं
राकेश कुमार का कहना है कि उन्होंने एसीपी मोदीनगर, डीएसपी देहात और अन्य उच्च अधिकारियों से शिकायत की, जबकि उनकी पत्नी ने भी अपने नाम से पत्र देकर मामले की जांच की मांग की। बावजूद इसके इंस्पेक्टर रावत उनके घर दबिश देने पहुंचे और उन्हें धमकाते हुए जेल भेजने की धमकी दी।
विजिलेंस ने रंगे हाथ दबोचा
राकेश कुमार ने कहा कि उन्होंने थक-हार कर मेरठ विजिलेंस में शिकायत की। इसके बाद इंस्पेक्टर जयपाल रावत ने उनसे 50 हजार रुपये लेने की मांग की। जब पैसे इंस्पेक्टर के ऑफिस में दिए जा रहे थे, तभी विजिलेंस टीम ने मौके पर जाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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