ख़बर का असर

Home » उत्तर प्रदेश » गाजियाबाद सिस्टर्स सुसाइड मिस्ट्री, 2026 का सबसे उलझा केस

गाजियाबाद सिस्टर्स सुसाइड मिस्ट्री, 2026 का सबसे उलझा केस

 गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की आत्महत्या का मामला साल 2026 का सबसे पेचीदा और रहस्यमय केस बनता जा रहा है। पुलिस के लिए यह समझ पाना अब तक सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है कि आखिर ऐसा क्या हुआ परिवार बेहद रिजर्व स्वभाव का था। वे न तो किसी से ज्यादा मिलते-जुलते थे और न ही किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होते थे। बच्चे भी घर से बाहर बहुत कम निकलते थे और सोसाइटी के अन्य बच्चों से उनकी बातचीत ना के बराबर थी।

Up news: गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की आत्महत्या का मामला साल 2026 का सबसे पेचीदा और रहस्यमय केस बनता जा रहा है। पुलिस के लिए यह समझ पाना अब तक सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने तीन नाबालिग बहनों को एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने पर मजबूर कर दिया।सवाल कई हैं क्या सिर्फ मोबाइल छीने जाने की वजह से तीनों ने सुसाइड किया? कौन सा ऐसा गेम था जिसने उन्हें मौत की ओर धकेल दिया? और सुसाइड नोट में सिर्फ “सॉरी पापा” क्यों लिखा गया?

एक ही घर में दो पत्नियां और सभी बच्चे

जिन तीन बहनों ने आत्महत्या की है, उनके पिता ने दो शादियां की थीं। खास बात यह है कि दोनों पत्नियां सगी बहनें हैं। पहली पत्नी से संतान नहीं होने पर पिता ने उसकी छोटी बहन से दूसरी शादी की। दूसरी शादी से तीन बच्चे हुए, जबकि बाद में पहली पत्नी से भी दो बच्चे पैदा हुए। दोनों पत्नियां और सभी बच्चे एक ही घर में साथ रहते थे। आत्महत्या करने वाली तीन बहनों में से दो दूसरी पत्नी की बेटियां थीं, जबकि एक पहली पत्नी की बेटी थी। बताया जा रहा है कि तीनों बच्चियां पिछले करीब तीन साल से लगातार मोबाइल गेमिंग कर रही थीं और पिछले दो से ढाई साल से स्कूल भी नहीं जा रही थीं।

Up news: पिता ने कोरियन गेम को ठहराया जिम्मेदार

बच्चियों के पिता ने अपनी तीनों बेटियों की मौत के लिए एक कोरियन ऑनलाइन गेम को जिम्मेदार ठहराया है। पिता के मुताबिक, तीनों बेटियां कोरियन कल्चर से बेहद प्रभावित थीं और बार-बार कोरिया जाने की बात किया करती थीं। परिवार द्वारा गेम खेलने से मना करने और मोबाइल छीनने के बाद बच्चियां बेहद परेशान हो गई थीं। इसी तनाव में उन्होंने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया। सुसाइड के लिए तीनों ने फ्लैट के मंदिर वाले कमरे को चुना। बताया गया कि मंदिर की खिड़की अक्सर खुली रहती थी। वहां एक कुर्सी लगाकर तीनों ने एक-एक कर नीचे छलांग लगा दी।

Up news: दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं तीनों बहनें

जानकारी के मुताबिक, तीनों बहनें पिछले करीब दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं। लॉकडाउन के बाद से ही उनका स्कूल जाना बंद हो गया था। परिवार का कहना है कि बच्चियां पढ़ाई में कमजोर थीं, इसी वजह से स्कूल जाना छोड़ दिया। हालांकि, यह भी सच है कि परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी, जिससे पढ़ाई पर भी असर पड़ा।

पड़ोसियों ने बताया आंखों देखा हाल

Up news: परिवार बेहद रिजर्व स्वभाव का था। वे न तो किसी से ज्यादा मिलते-जुलते थे और न ही किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होते थे। बच्चे भी घर से बाहर बहुत कम निकलते थे और सोसाइटी के अन्य बच्चों से उनकी बातचीत ना के बराबर थी। कुछ पड़ोसियों ने तीनों बहनों को बिल्डिंग से कूदते हुए देखा। पड़ोसियों के मुताबिक, तीनों काफी देर तक बालकनी में खड़ी थीं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि शुरुआत में सिर्फ एक बच्ची कूदने की कोशिश कर रही थी, जबकि बाकी दो उसे रोकने और पीछे खींचने की कोशिश कर रही थीं। इसी दौरान संतुलन बिगड़ गया और तीनों नीचे गिर गईं।

 

ये भी पढ़े: बंद रेलवे फाटक पार करना पड़ा भारी, ट्रेन से टकराई बाइक, बड़ा हादसा टला

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल