UP NEWS: उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए 27 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस बदलाव में 13 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को बदला गया है, जबकि कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
कई जिलों में बदले गए कप्तान
जारी सूची के अनुसार, लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात पुलिस उपायुक्त शशांक सिंह को महोबा का एसपी बनाया गया है। वहीं विश्वजीत श्रीवास्तव को बहराइच का एसपी नियुक्त किया गया है। चंदौली के एसपी आदित्य लांग्हे को फिरोजाबाद भेजा गया है, जबकि मऊ के एसपी इलामारन जी. को एटा का एसपी बनाया गया है।
UP NEWS: पीएसी और अन्य इकाइयों में नई तैनाती
इस फेरबदल में कई अधिकारियों को प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) और विशेष इकाइयों में भेजा गया है। निपुण अग्रवाल को मुरादाबाद स्थित 9वीं वाहिनी पीएसी का सेनानायक बनाया गया है। रामपुर के एसपी विद्यासागर मिश्र को 11वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर और कौशांबी के एसपी राजेश कुमार द्वितीय को 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ भेजा गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी
आईजी प्रशिक्षण चंद्र प्रकाश को सुरक्षा शाखा में नई जिम्मेदारी दी गई है। एटा के एसपी श्याम नारायण सिंह को एसडीआरएफ भेजा गया है, जबकि महोबा के एसपी प्रबल प्रताप सिंह को पुलिस मुख्यालय में एसपी अपराध के पद पर तैनात किया गया है।
UP NEWS: लखनऊ और नोएडा से जिलों में भेजे गए अधिकारी
फेरबदल की खास बात यह रही कि लखनऊ और गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में तैनात कई अधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। अमरोहा के एसपी अमित कुमार आनंद को लखनऊ कमिश्नरेट भेजा गया है, जबकि नोएडा की 49वीं वाहिनी में तैनात कमलेश बहादुर को मऊ का एसपी बनाया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां
हमीरपुर की एसपी डॉ. दीक्षा शर्मा को लखनऊ कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त बनाया गया है। सोमेंद्र मीना को रामपुर, सौरभ दीक्षित को शाहजहांपुर और आकाश पटेल को चंदौली का एसपी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कई जिलों में एसपी सिटी और ग्रामीण स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं।
UP NEWS: प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश
सरकार का मानना है कि इस तरह के फेरबदल से कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकेगा। खासकर उन जिलों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है, जहां प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही थी।
कानून-व्यवस्था पर रहेगा फोकस
इस व्यापक तबादले को प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन अधिकारियों के प्रदर्शन पर भी नजर रखी जाएगी।
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