UP News: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ जारी सख्त अभियान का असर एक बार फिर देखने को मिला है। दरअसल, वाराणसी में एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी और कुख्यात सुपारी किलर बनारसी यादव ढेर हो गय है। पिछले कई महीनों से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा बनारसी यादव थाना सारनाथ क्षेत्र में कालोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या का मुख्य आरोपी था। पूर्वांचल का कुख्यात अपराधी बनारसी यादव हत्या, अपहरण, लूट समेत करीब 21 गंभीर मामलों में वांछित था और पुलिस रिकॉर्ड में वह गैंग नंबर आठ के सरगना के रूप में दर्ज था।
कैसे हुआ एनकाउंटर?
एसटीएफ को खुफिया सूचना मिली थी कि दो बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से बाइक से रिंग रोड की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड पर एसटीएफ ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ की गोली बनारसी यादव को लगी, जिससे वह मौके पर गिर पड़ा। लेकिन उसका एक साथी बाइक लेकर फरार हो गया। घायल बनारसी यादव को तत्काल पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एनकाउंटर के बाद पुलिस ने बनारसी यादव के पास से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। फरार साथी की गिरफ्तारी के लिए जिले भर में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

UP News: योगी सरकार की अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई
बनारसी यादव की गिरफ्तारी बीते पांच महीनों से पुलिस और एसटीएफ की प्राथमिकता में थी। योगी सरकार के निर्देश पर चल रहे विशेष अभियान के तहत कुख्यात अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी का नतीजा है कि पूर्वांचल में अपराधियों की कमर टूटती नजर आ रही है।
आपको बता दें कि कालोनाइजर हत्या मामले में बनारसी यादव का एक साथी, गाजीपुर के महाराजगंज निवासी और एक लाख का इनामी अरविंद यादव, पहले ही मुठभेड़ में पकड़ा जा चुका है। वहीं, विशाल और चंदन नाम के दो आरोपी, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित है, अब भी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। मामले को लेकर एसटीएफ और पुलिस का कहना है कि योगी सरकार की सख्त कानून-व्यवस्था नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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