UP Police: हरदोई जिले के सवायजपुर तहसील अंतर्गत दिउसीपुर गांव में जिलाधिकारी के निर्देश पर अवैध निर्माण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई। तहसील प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंची, जिससे पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। प्रशासन इसे भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम बता रहा है, जबकि प्रभावित परिवारों और विपक्ष ने कार्रवाई के दौरान गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगाए हैं।
पांच घंटे तक चला बुलडोजर
एसडीएम सवायजपुर मयंक कुंडू और सीओ सत्येंद्र सिंह के नेतृत्व में करीब 20 थानों की पुलिस फोर्स और लगभग 80 जवानों की मौजूदगी में पांच घंटे तक बुलडोजर चलाया गया। यह कार्रवाई बड़ागांव निवासी आदेश शुक्ला की शिकायत पर गाटा संख्या 1948 और 1949 की लगभग 5200 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए की गई। प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उसे नजरअंदाज किया गया।
हालांकि कार्रवाई के दौरान मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी के आरोप भी सामने आए हैं। पीड़ित परिवार के राधिका और पवन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने महिलाओं और दुधमुंहे बच्चों को जबरन बस में बैठा दिया, जहां वे कई घंटों तक भूख-प्यास से परेशान रहे। परिवार का यह भी कहना है कि उन्हें घर का सामान निकालने का अवसर नहीं दिया गया, जिससे कीमती सामान और जेवरात गायब हो गए तथा गृहस्थी पूरी तरह नष्ट हो गई।
‘किसी मादर%&£ ने ये कह दिया है कि धरना देने से काम हो…’
इन कवच कुंडलधारी डिप्टी SP का नाम है सतेन्द्र सिंह….हरदोई में तैनात हैं…
इतनी ठंड में सुबह उठना कठिन तो है ही लेकिन फिर भी लोकतंत्र की परिभाषा समझा रहे है…
बहुत कर्मठ हैं…एक मैडल ऐसी मित्र पुलिस के लिए @dgpup साहब pl pic.twitter.com/Kt7QRvqyJE
— Mamta Tripathi (@MamtaTripathi80) January 8, 2026
UP Police: सीओ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
पीड़ित पवन ने दावा किया कि यह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, इसके बावजूद प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी और कार्रवाई कर दी। लेकिन ये मामला उस समय और गंभीर हो गया जब सीओ हरपालपुर सत्येंद्र सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन पर महिलाओं के प्रति अमर्यादित भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया जा रहा है। इस घटना को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडे और कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव पूनम पंडित ने सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि एक ओर महिला सुरक्षा के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों द्वारा महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार के आरोप सामने आ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने जांच एएसपी (पश्चिमी) को सौंप दी है। इसके अलावा सांडी थानाध्यक्ष का भी एक आपत्तिजनक वीडियो सामने आने से विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा है।
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