UP Police: आईपीएस और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को बुधवार तड़के लखनऊ पुलिस ने सीतापुर-महोली बॉर्डर से गिरफ्तार कर देवरिया के सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 13 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
अमिताभ ठाकुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहते नजर आए कि यह गिरफ्तारी उनके बेटे के इंटरव्यू को प्रभावित करने के लिए की गई है। पूर्व आईपीएस ने बार-बार खुद को निर्दोष बताया और कोर्ट में आठ पेज का लिखित बयान पेश किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार होने के बाद ठाकुर की एक घंटे तक पूछताछ की गई और उनका मेडिकल कराया गया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में उन्होंने अपना मुकदमा खुद लड़ने की बात कही और 40 मिनट का समय मांगकर विस्तार से अपने पक्ष को रखा। ठाकुर ने कहा कि यह 26 साल पुराना मामला केवल उन्हें प्रताड़ित करने के लिए फर्जी तरीके से दर्ज किया गया।
जबकि उनकी पत्नी नूतन ठाकुर क गिरफ्तारी की सूचना देर रात मिली। उन्होंने बताया कि मामला सामान्य सिविल विवाद का है। ठाकुर 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और 2021 में उन्हें जबरन रिटायर कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी आजाद अधिकार सेना बनाई।
जानकारी के अनुसार, 1999 में देवरिया में उनके नाम और पत्नी के नाम पर औद्योगिक प्लॉट अलॉट किया गया था, जिसे बाद में विवादित तरीके से बेच दिया गया। संजय शर्मा ने इस मामले में आरोप लगाते हुए धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश की शिकायत दर्ज कराई थी। अमिताभ ठाकुर ने कोर्ट में जानबूझकर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव और प्रतिशोध का हिस्सा हो सकती है। इस मामले की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को होगी।
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