UP Police: बुलंदशहर जनपद के नरौरा थाना से एक हैरान करने वाला प्रशासनिक मामला सामने आया है, जिसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह द्वारा जारी तबादला आदेशों के दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद दो पुलिसकर्मी अब भी उसी थाने में कार्यरत हैं।
लाइन हाजिर किए जाने का आदेश किया था जारी
गौरतलब है कि नरौरा थाने में तैनात पुलिसकर्मी सुरेंद्र डांगर को 23 अक्टूबर को नरौरा से लाइन हाजिर किए जाने के आदेश जारी किए गए थे। जबकि विकास कुमार को 4 दिसंबर को नरौरा से डिबाई स्थानांतरित किया गया था। आदेश स्पष्ट रूप से जारी होने के बावजूद दोनों पुलिसकर्मी आज तक अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों का कहना है कि यह मामला विभागीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
UP Police: सीओ स्तर से भी मांगा गया स्पष्टीकरण
इस संबंध में तत्कालीन सीओ डिबाई प्रखर पांडे ने नरौरा थाना प्रभारी को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। पत्र में यह जानना चाहा गया था कि आखिर तबादला आदेश लागू क्यों नहीं किया गया और संबंधित पुलिसकर्मी अब तक पुराने थाने में कैसे तैनात हैं। हालांकि, इस पत्राचार के बाद भी स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। बाद में प्रखर पांडे का तबादला सीओ सिटी के पद पर हो गया, जिसके चलते मामला आगे नहीं बढ़ सका।
वहीं एसएसपी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तबादला आदेशों का पालन न होना पुलिस विभाग की आंतरिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। आमतौर पर तबादला आदेश तत्काल प्रभाव से लागू माने जाते हैं, और संबंधित कर्मियों को निर्धारित समय के भीतर नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण करना होता है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर किस स्तर पर लापरवाही हुई, और क्यों दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया गया।
इस मामले के सामने आते ही चर्चा होने लगी की यदि मामले की उच्च स्तरीय जांच होती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई संभव है। फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।






