UP Vidhan Sabha: आज, 24 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का चौथा और अंतिम दिन चल रहा है, ऐसे ने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस देखने को मिल रही है। बता दे, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सवाल उठाया कि शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष, भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी और यूपी के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार को नियुक्त करने के पीछे वजह क्या है।
सीएम योगी ने प्रक्रिया की पारदर्शिता बताई
इस सवाल के उठते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब दिया कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह तंत्र विकसित किया गया है। इसके बाद अपनी बात को आगे रखते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से माफियाओं की कमर तोड़ी गई, ठीक उसी प्रकार नकल माफिया की कमर भी तोड़ी जाएगी। सीएम योगी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि आदत तो आप ही ने खराब की थी। उन्होंने आगे कहा कि साल 2017 से पूर्व भर्ती में प्राथमिकता ही नहीं दी जाती थी और शिवपाल जी को इस मामले का मास्टर है, इन्होंने पीएचडी प्राप्त कर रखी है।

UP Vidhan Sabha: सज्जन और दुर्जनों के लिए सरकार की नीति
मुख्यमंत्री ने अपनी बात को आगे रखते हुए कहा कि सरकार का मकसद सज्जनों को सुरक्षा देना और दुर्जनों को ठिकाना दिखाना है। परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्… उन्होंने इस श्लोक का हवाला देते हुए कहा कि इसका मकसद समाज के साधु और सुरक्षित लोगों की रक्षा करना है। इसलिए तो हम बैठे हैं, भजन करने थोड़ी बैठे है, भजन के लिए मठ काफी है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया, “बुलडोजर भी चलेगा, इसे कोई नहीं रोक सकता।” अगर कोई भी छांगुर जैसा व्यक्ति यदि आबादी की जमीन पर या सरकारी भूमि पर कब्जा करेगा और उस पर मॉल बनाता है या अवैध वसूली करता है, तो ऐसे लोगों के खिलाफ बुलडोजर का प्रयोग किया जाएगा। कोई इसे रोक भी नहीं सकता।

सुरक्षा और कानून का राज सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा लासी गई किसी भी योजना में भेदभाव नहीं किया जाता है। राशन, घर या दूसरी किसी भी तरह की सुविधाओं में कभी किसी का चेहरा देखकर भेदभाव नहीं किया गया। यूपी के सभी निवासियों को योजनाओं का लाभ बराबरी से दिया जा रहा है।
सीएम योगी ने अजीबकहा कि समाज के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है सुरक्षा और कानून का शासन है। हर व्यक्ति, व्यापारी और बेटी को सुरक्षित महसूस होना चाहिए। यही सरकार की प्राथमिकता भी है। इस दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम उत्तर प्रदेश की जनता दे रही है और आगे भी देगी।






