US Embassy: अमेरिका में पढ़ाई कर रहे और वहां जाने की तैयारी कर रहे भारतीय छात्रों के लिए अमेरिकी दूतावास ने सख्त चेतावनी जारी की है। दूतावास ने साफ कहा है कि अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन करने पर छात्रों का स्टूडेंट वीजा रद्द किया जा सकता है और उन्हें देश से डिपोर्ट भी किया जा सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका में वीजा और इमिग्रेशन नियमों को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है।
कानून तोड़ने पर वीजा रद्द और डिपोर्टेशन का खतरा
भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि अमेरिकी कानून तोड़ने से स्टूडेंट वीजा पर गंभीर असर पड़ सकता है। यदि किसी छात्र को गिरफ्तार किया जाता है या वह किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो उसका वीजा रद्द हो सकता है, उसे देश से निकाला जा सकता है और भविष्य में अमेरिकी वीजा मिलने पर भी रोक लग सकती है। दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार है, इसलिए नियमों का पालन जरूरी है।
US Embassy: ट्रंप सरकार के सख्त वीजा और प्रवासी नियम
यह चेतावनी ऐसे वक्त जारी हुई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2025 में वीजा और प्रवासी नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इससे पहले भी अमेरिकी दूतावास ने अवैध प्रवास को लेकर चेतावनी दी थी, जिसमें कहा गया था कि गैर-कानूनी प्रवासी मानव तस्करों, हिंसक गिरोहों और भ्रष्ट तत्वों का आसान शिकार बनते हैं। ट्रंप सरकार ने अवैध प्रवास खत्म करने और सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।
भारत का नाम वेलफेयर लिस्ट से बाहर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 में अमेरिका में लगभग 6,000 विदेशी छात्रों के वीजा रद्द किए गए, जिनमें कई भारतीय छात्र भी शामिल थे। अमेरिका में करीब तीन लाख विदेशी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। हाल ही में ट्रंप ने प्रवासी कल्याण लाभ लेने वाले देशों की सूची जारी की, जिसमें भारत का नाम शामिल नहीं था। यह अमेरिका में भारतीय प्रवासियों की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है, जहां वे सरकारी सहायता पर कम निर्भर हैं।
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