US Iran War: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, खासकर ईरान के आसपास बने हालात का असर अब वैश्विक विमानन क्षेत्र पर साफ दिखाई दे रहा है। इस संकट का सीधा प्रभाव एयर इंडिया के संचालन पर पड़ा है।
2,500 उड़ानें रद्द, संचालन हुआ सीमित
एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन के अनुसार, पिछले तीन हफ्तों में कंपनी को करीब 2,500 उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। मौजूदा स्थिति में एयरलाइन पश्चिम एशिया के लिए अपनी केवल 30 प्रतिशत उड़ानों का ही संचालन कर पा रही है।
US Iran War: एयरस्पेस बंद, बढ़ी चुनौतियां
इस बड़ी कटौती के पीछे मुख्य कारण कई देशों द्वारा एयरस्पेस बंद करना या उसे जोखिमपूर्ण घोषित करना है। सुरक्षा कारणों से विमानों को अब लंबा और वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है, जिससे उड़ान समय और लागत दोनों बढ़ गए हैं।
ईंधन महंगा, टिकट भी होंगे महंगे
लंबे रूट और बढ़ती दूरी के कारण ईंधन की खपत बढ़ गई है। साथ ही जेट फ्यूल की कीमतों में भी भारी उछाल आया है। ऐसे में एयर इंडिया ने नए टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे यात्रियों को महंगे किराए का सामना करना पड़ सकता है।
US Iran War: दूसरे अंतरराष्ट्रीय रूट्स भी प्रभावित
इस संकट का असर केवल मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं है। यूरोप, यूके और नॉर्थ अमेरिका जाने वाली उड़ानों पर भी इसका असर पड़ा है। हालांकि, इन रूट्स पर मांग बनी हुई है और एयरलाइन सीमित स्तर पर सेवाएं जारी रखे हुए है।
कर्मचारियों से सतर्कता की अपील
सीईओ कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और अनावश्यक खर्चों में कटौती करें। उन्होंने चुनौतीपूर्ण हालात में काम कर रहे कर्मचारियों की सराहना भी की।
US Iran War: आगे भी जारी रह सकता है असर
कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर वैश्विक विमानन उद्योग पर गंभीर रूप से पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले समय में उड़ानों, किरायों और यात्रा योजनाओं पर इसका असर जारी रह सकता है।
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