US Israel Vs Iran War : आज अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग का 26वां दिन है। अमेरिका के रक्षा विशेषज्ञ और व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार रॉबर्ट पेपने चेतावनी दी है कि राष्ट्रपति ट्रम्प के चारों ओर स्थिति धीरे-धीरे जटिल होती जा रही है। उनका कहना है कि ट्रम्प ऐसे हालात में फंस सकते हैं, जहां युद्ध धीरे-धीरे बढ़ता जाएगा।
एस्केलेशन जाल: युद्ध बढ़ा सकता है तेल संकट
पेप ने भारतीय मीडिया से बातचीत में बताया कि शुरुआत में छोटे हमले होते हैं, लेकिन जब इनसे महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल नहीं होते, तो हमले और बड़े हो जाते हैं। इसे ‘एस्केलेशन ट्रैप’ कहा जाता है, यानी ऐसा जाल जिसमें फंसकर युद्ध लगातार बढ़ता रहता है।

उन्होंने आगाह किया कि अगर जंग और बढ़ी, तो होर्मुज स्ट्रेट पर गंभीर असर पड़ेगा, जो दुनिया की तेल आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। पेप के अनुसार, इस स्थिति में ईरान और मजबूत हो सकता है और तेल पर ज्यादा नियंत्रण हासिल कर सकता है। इसलिए, इजराइल की सैन्य कार्रवाई को नियंत्रित करना जरूरी है और इसका निर्णय ट्रम्प ही ले सकते हैं।
US Israel Vs Iran War : ईरान में हमलों का असर
- अब तक लगभग 1,500 लोग मारे गए और 18,551 घायल हुए।
- मृतकों में 8 महीने के बच्चे से लेकर 88 साल के बुजुर्ग शामिल हैं।
- जंग में अब तक लगभग 200 महिलाएं मारी गईं।
- 28 फरवरी को स्कूल पर हमला हुआ, जिसमें 168 बच्चे मारे गए।
- जंग में 55 स्वास्थ्यकर्मी घायल हुए, जिनमें से 11 की मौत हुई।
कुवैत सेना का बयान
कुवैत की सेना ने कहा है कि वह मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रही है। जनता से अपील की गई है कि वे सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।सेना के अनुसार, यदि धमाके की आवाज सुनाई देती है, तो यह दुश्मन के हमलों को हवा में ही नष्ट (इंटरसेप्ट) करने की वजह से होता है।
इसके पहले कुवैत नेशनल गार्ड ने बताया कि उसने अपने इलाके में 5 ड्रोन मार गिराए। वहीं, एक ड्रोन हमले के कारण कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्यूल टैंक में आग लग गई।

US Israel Vs Iran War : ट्रम्प का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को दावा किया कि अमेरिका ने युद्ध जीत लिया है।व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान ने परमाणु हथियार बनाने से मना कर दिया है और अब समझौते के लिए तैयार है। अमेरिकी विमान अब भी तेहरान के ऊपर निगरानी कर रहे हैं।
ट्रम्प ने कहा कि लगातार हमलों के बाद ईरान पूरी तरह कमजोर हो चुका है और उसके पास केवल डील करने का विकल्प बचा है। दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, जिसमें अमेरिका के उच्च अधिकारी भी शामिल हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अब बातचीत में समझदारी दिखा रहा है और जल्द ही समझौता हो सकता है। हालांकि, अगर बातचीत सफल नहीं हुई, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे और पावर प्लांट्स पर फिर से हमला कर सकता है।
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