US Venezuela Intervention: वेनेजुएला में अमेरिकी सेना द्वारा की गई कार्रवाई के पश्चात राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर अमेरिका वापस भेज दिया गया है। जिसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शाम के समय एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वेनेजुएला के भविष्य के बारे में बात की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने जानकारी दी है कि जब तक वेनेजुएला की सत्ता का सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से हस्तांतरण नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका द्वारा ही वेनेजुएला का प्रशासन संभाला जाएगा।
मादुरो की गिरफ्तारी से वैश्विक राजनीति में हलचल
3 जनवरी 2026 को शनिवार की सुबह के समय अमेरिका ने अचानक एक सैन्य अभियान चलाया गया। जिसके तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया। जिसके बाद उन्हें एक युद्धपोत के जरिए अमेरिका ले जाया गया है। बता दे, अमेरिका ने राष्ट्रपति निकोलस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह पूरी अमेरिका का ये कदम तेल समृद्ध लातिन अमेरिकी देश पर महीनों से बढ़ाए जा रहे दबाव का नतीजा बताया जा रहा है।

US Venezuela Intervention: सत्ता हस्तांतरण तक अमेरिका जिम्मेदार
ट्रंप का कहना है कि जब तक देश की सत्ता सही तरीके से नई सरकार को नहीं सौंपी जाएगी, तब तक अमेरिका ही वहां की जिम्मेदारी निभाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि वहां पर अमेरिका की मौजूदगी पहले से ही स्थापित है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई साफ संकेत नहीं मिला है कि अमेरिका देश का शासन चला रहा है।
इसी के साथ ट्रंप ने मार-ए-लागो में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,“हम लातिन अमेरिकी देश की बागडोर तबतक संभालेंगे जब तक हम एक सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण सत्ता हस्तांतरण नहीं कर लेते। अत्यंत सफल अभियान किसी भी ऐसे व्यक्ति के लिए चेतावनी के रूप में काम करना चाहिए, जो अमेरिकी संप्रभुता को खतरा पहुंचाना चाहता है या अमेरिकी जीवन को खतरे में डालना चाहता है।”

लातिन अमेरिका को ट्रंप की खुली चेतावनी
उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने वेनेजुएला के उपराष्ट्रपति से देश को दोबारा मजबूत बनाने को लेकर बातचीत की है।
ट्रंप ने कहां,‘‘अत्यंत सफल अभियान किसी के लिए भी चेतावनी होनी चाहिए, जो अमेरिकी संप्रभुता को खतरे में डालने या अमेरिकी नागरिकों की जान को जोखिम में डालने की कोशिश करे’’। बता दें, अब तक वेनेजुएला सरकार की ओर से ट्रंप के इन दावों पर किसी भी प्रकार का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।







