Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ महीनों से महिलाओं के बीच एक अजीब-सा डर पसरा हुआ था। बस, ऑटो या भीड़भाड़ वाले इलाकों में सफर कर रही महिलाएं अचानक चेन गायब होने की शिकायत कर रही थीं, लेकिन न तो किसी ने खुलकर हमला किया, न ही कोई पारंपरिक लूट की तस्वीर सामने आई। हर वारदात में एक समान बात थी कुछ सेकंड का डर, अफरातफरी और फिर गले से सोने की चेन का गायब हो जाना। अब पुलिस की गहन जांच के बाद इस रहस्यमयी अपराध के पीछे छिपे नकली सांप-बिच्छू गैंग का पूरा सच सामने आ गया है।
Uttar Pradesh News: साधारण चेहरे, असाधारण साजिश
इस गिरोह की सबसे खतरनाक बात यही थी कि इसके सदस्य बिल्कुल आम लोगों जैसे दिखते थे। पकड़ी गई अधिकतर महिलाएं साड़ी पहने रहती थीं, माथे पर बिंदी, चेहरे पर घरेलू महिलाओं जैसा सहज भाव। कोई यह कल्पना भी नहीं कर सकता था कि यही महिलाएं एक संगठित आपराधिक गिरोह का हिस्सा हैं। वे खुद को आम यात्री बताकर बस या ऑटो में सवार होतीं, भीड़ का हिस्सा बन जातीं और सही मौके का इंतज़ार करतीं।उनका चयन भी बहुत सोच-समझकर होता था अकेली महिला यात्री, बुजुर्ग महिलाएं या वे लोग जो गहने पहनकर सफर कर रहे हों। सामान्य बातचीत, सहानुभूति या मदद के बहाने वे शिकार के बेहद करीब पहुंच जाती थीं, ताकि वारदात के वक्त किसी को शक न हो।
Uttar Pradesh News: डर को हथियार बनाकर लूट का खेल
गिरोह का तरीका जितना अनोखा था, उतना ही खौफनाक भी। जैसे ही सही मौका मिलता, आरोपी महिलाएं अचानक नकली सांप, बिच्छू या छिपकली दिखा देतीं या फेंक देतीं। कई बार सेफ्टी पिन या नुकीली चीज़ चुभाकर ध्यान भटकाया जाता। अचानक हुए इस डर से शिकार चीख पड़ता, घबरा जाता या अपना संतुलन खो देता।बस इन्हीं कुछ सेकंडों में असली खेल होता गले में पहनी सोने की चेन झपट ली जाती और आरोपी भीड़ में ऐसे घुल मिल जाते कि पहचानना मुश्किल हो जाता। कई पीड़ितों को तो यह तक समझ नहीं आया कि चेन कब और कैसे गायब हुई। डर और शर्म की वजह से कई मामलों में शिकायत भी देर से दर्ज हुई, जिसका फायदा यह गिरोह उठाता रहा।
पुलिस की पकड़ और पूरे नेटवर्क का खुलासा
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने इन घटनाओं को गंभीरता से जोड़ा और पैटर्न समझना शुरू किया। 1 जनवरी को गिरोह के सरगना को हिरासत में लिया गया। सख्त पूछताछ में उसने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं। इसके बाद एक-एक कर 36 महिलाओं और 4 पुरुषों को गिरफ्तार किया गया।जांच में सामने आया कि यह गिरोह सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं था, बल्कि यूपी के कई जिलों में सक्रिय था। सदस्यों की उम्र 20 से 50 साल के बीच थी और सामान्य हुलिए की वजह से वे लंबे समय तक पुलिस की नजर से बचते रहे। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पुराने मामलों की कड़ियां जोड़ रही है और आशंका है कि कई अनसुलझी चेन स्नेचिंग की घटनाएं इसी गिरोह से जुड़ी हो सकती हैं।यह मामला सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि चेतावनी भी है कि अब अपराधी डर और मनोविज्ञान को हथियार बना रहे हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से एक खतरनाक गिरोह तो टूटा है, लेकिन साथ ही आम लोगों के लिए सतर्क रहने का सबक भी सामने आया है।
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