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बेटी का अपहरण कर फरार हुए आरोपी बचाने आई मां पर जानलेवा हमला

बेटी का अपहरण कर फरार हुए आरोपी बचाने आई मां पर जानलेवा हमला

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। खेत जा रही एक दलित महिला और उसकी बेटी पर पहले से घात लगाए बैठे युवक ने हमला कर दिया। मां ने जब बेटी की इज्जत और सुरक्षा के लिए विरोध किया, तो आरोपी ने बेरहमी से उस पर फावड़े से वार कर दिया और घायल अवस्था में छोड़कर युवती को जबरन अपने साथ ले गया।बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह करीब 8 बजे महिला अपनी बेटी के साथ खेत में काम के लिए निकली थी। रास्ते में गांव का ही एक युवक पहले से मौजूद था। उसने मां-बेटी को रोका, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और विरोध करने पर हिंसक हो गया।

Uttar Pradesh: बेटी को बचाने की कीमत मां ने खून देकर चुकाई

जब महिला ने साहस दिखाते हुए आरोपी का सामना किया, तो उसने गुस्से में आकर फावड़े से महिला के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से महिला मौके पर ही गिर पड़ी। इसी दौरान आरोपी युवती को जबरन उठाकर फरार हो गया।घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घायल महिला को तुरंत मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार महिला को वेंटिलेटर पर रखा गया है और ऑपरेशन जारी है।

Uttar Pradesh: आरोपी फरार, पुलिस पर उठे सवाल

पीड़िता का परिवार बेहद साधारण है। माता-पिता मजदूरी कर किसी तरह घर चलाते हैं। आर्थिक तंगी के कारण बेटी को पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी थी। परिवार में पहले से ही संघर्ष का माहौल था, अब यह हादसा उनकी जिंदगी पर भारी पड़ गया है।घटना के बाद से आरोपी और उसके परिजन फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और युवती की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

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घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पुलिस को सख्त निर्देश दिए कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर युवती को सुरक्षित बरामद किया जाए।सवाल जो अब भी खड़े हैं दिनदहाड़े ऐसी वारदात कैसे हुई? आरोपी को कानून का डर क्यों नहीं था?
क्या गरीब और कमजोर की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित है? यह मामला सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और समाज की संवेदनशीलता पर भी बड़ा सवाल है। अब देखना होगा कि पीड़िता को न्याय और बेटी को सुरक्षित वापस लाने में सिस्टम कितनी तेजी दिखाता है।

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